नेशनल क्रोइसैं डे (30 जनवरी) के मौके पर ITC Sunfeast Baked Creations और स्विगी ने एक मजेदार बात बताई है. ये बात है कि अब क्रोइसैं सिर्फ विदेशी पेस्ट्री नहीं रह गई है, बल्कि लोगों का फेवरेट स्नैक बन चुका है. पहले लोग इसे केवल कैफे या ब्रेकफास्ट में खाते थे, लेकिन अब ये ऑफिस ब्रेक, शाम की चाय, या रात के लाइट खाने का भी हिस्सा बन गया है.
लोग इसे घर बैठे, स्विगी के जरिए भी उतना ही पसंद कर रहे हैं जितना कैफे में जाकर. ये ट्रेंड खासतौर पर मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, चेन्नई और हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में तेजी से बढ़ रहा है. अब क्रोइसैं सिर्फ मीठा नहीं, बल्कि नमकीन फ्लेवर में भी लोगों की पहली पसंद बन चुका है.
भारत में क्रोइसैं का बढ़ता क्रेज
बड़े शहरों में अब क्रोइसैं सिर्फ एक पेस्ट्री नहीं, बल्कि लोगों का फेवरेट स्नैक बन चुका है. आंकड़ों के मुताबिक, जो हर तीन में से एक क्रोइसैं ऑर्डर किया जाता है, उसमें ITC Sunfeast Baked Creations का क्रोइसैं शामिल होता है. इस नेशनल क्रोइसैं डे (30 जनवरी) को और खास बनाने के लिए ITC ने स्विगी के साथ मिलकर ‘CroissantVerse’ पेश किया है. इसमें मीठे और नमकीन स्वाद के 18 अलग-अलग तरह के क्रोइसैं शामिल हैं.
अब नए अंदाज में क्रोइसैं
अब क्रोइसैं सिर्फ मून शेप वाली अपनी ट्रेडिशनल शेप में नहीं आते बल्कि नए एक्सपेरिमेंट्स के साथ मार्केट में आ रहे हैं:
पिनव्हील क्रोइसैं: इसमें मूंगफली, मिर्च और लहसुन का मजेदार तड़का होता है.
क्रो-पाइ (CroPies): ये क्रोइसैं और पाइ का मिश्रण होता है. इसमें पनीर भुर्जी, चिकन टिक्का और मटन कीमा जैसी फिलिंग्स भरी जाती हैं. लोग इसे शाम के स्नैक्स या मिनी मील की तरह पसंद कर रहे हैं.
भारतीयों को पसंद है नमकीन क्रोइसैं
दुनिया में ज्यादातर लोग क्रोइसैं को मीठा खाना पसंद करते हैं, लेकिन भारत में 56% लोग इसे नमकीन स्वाद में खाना पसंद कर रहे हैं. मुंबई और पुणे जैसे शहरों में तो नमकीन क्रोइसैं की मांग 60% से ज्यादा है. पिछले एक साल में स्विगी पर 15 लाख से ज्यादा क्रोइसैं ऑर्डर किए गए हैं, जिसमें साल-दर-साल 20% बढ़ोतरी हुई है.
कौन से शहरों में सबसे ज्यादा पसंद
बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, मुंबई और पुणे के लोग सबसे ज्यादा क्रोइसैं ऑर्डर कर रहे हैं. कहना गलत नहीं होगा कि ये शहर इसके सबसे बड़े बाजार बन चुके हैं. फिर भी, क्लासिक आलमंड क्रोइसैं (बादाम वाला क्रोइसैं) लोगों का सबसे पसंदीदा ऑप्शन बना हुआ है.
ITC फूड्स के रोहित भल्ला का कहना है कि क्रॉसां अब केवल कैफे में मिलने वाला लग्जरी आइटम नहीं रह गया है, बल्कि यह लोगों की रोजमर्रा की पसंद बनता जा रहा है. इसी तरह स्विगी के सिद्धार्थ भाकू कहते हैं कि अब लोग इसे शाम के नाश्ते, आधी रात की भूख मिटाने और क्विक मील के तौर पर पसंद कर रहे हैं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क