Longevity: जिम नहीं, ये 5 वीकली आदतें हैं 100 साल जीने वालों का असली सीक्रेट

How To Live 100 years: लंबी और स्वस्थ जिंदगी के लिए सिर्फ सप्लीमेंट या भारी एक्सरसाइज नहीं, बल्कि रोजाना की छोटी-छोटी आदतें सबसे ज्यादा जरूरी होती हैं. आज हम इस खबर में 100 साल तक जीने वाले लोगों की उन वीकली अदतों के बारे में जानेंगे जो उन्हें स्वस्थ और खुशहाल जीवन जीने में मदद करती हैं.

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वीकली आदतें जो 100 साल जीने वालों में होती है कॉमन (Photo- Pixabay) वीकली आदतें जो 100 साल जीने वालों में होती है कॉमन (Photo- Pixabay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:57 AM IST

आज दुनिया का हर इंसान चाहता है कि वह लंबी, स्वस्थ और खुशहाल जिंदगी जिए. लेकिन इसके लिए सिर्फ सप्लीमेंट, स्ट्रिक्ट डाइट या भारी-भरकम एक्सरसाइज ही काफी नहीं होती. इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी होती है आपकी रोजाना की छोटी-छोटी आदतें. दुनिया भर में जो लोग 100 साल या उससे ज्यादा जीते हैं, उनमें एक बात कॉमन देखने को मिलती है. वे न तो बहुत स्ट्रिक्ट डाइट फॉलो करते हैं और न ही भारी-भरकम एक्सरसाइज के पीछे भागते हैं. उनकी लंबी उम्र का राज उनके उन छोटे-छोटे वीकली रूटीन में छुपा होता है.

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उनका हफ्ते भर का रिदम सेट होता है
लंबी उम्र जीने वाले लोग हफ्ते का एक सिंपल रिदम फॉलो करते हैं. कुछ दिन काम के लिए, कुछ दिन आराम के लिए और कम से कम एक दिन ऐसा होता है जब वे खुद को स्लो डाउन करने का समय देते हैं. इससे बार-बार फैसले लेने का स्ट्रेस कम होता है और मन शांत रहता है. American Journal of Lifestyle Medicine में छपी एक स्टडी के मुताबिक, तय रूटीन हार्मोन को बैलेंस करता है, खासकर कोर्टिसोल को जो दिल और दिमाग की सेहत के लिए फायदेमंद है.

ज्यादा से ज्यादा पैदल चलना
100 साल से ज्यादा जीने वाले लोग पैदल जरूर चलते हैं लेकिन स्टेप काउंट या फिटनेस टारगेट के लिए नहीं, बल्कि अपने रोजाना के कामों के लिए. वो पैदल चलकर बाजार जाते हैं, दोस्तों से मिलते हैं या किसी लोगल जगह आते-जाते हैं. इससे उनका चलना लगातार बना रहता है. इस तरह पैदल चलने से शरीर का बैलेंस बेहतर होता है, डाइजेशन ठीक रहता है और मूड भी अच्छा रहता है वह भी जोड़ों पर ज्यादा दबाव डाले बिना.

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हफ्ते में एक दिन सादा, घर का खाना
लंबी उम्र जीने वाले लोगों में यह आदत आम होती है कि वे हफ्ते में कम से कम एक दिन बहुत सादा और घर का बना खाना खाते हैं. ऐसा खाना मौसमी होता है और ज्यादा तला-भुना या प्रोसेस्ड नहीं होता. इससे डाइजेशन सिस्टम को आराम मिलता है और शरीर को ज्यादा नमक, शुगर और जंक फूड से ब्रेक मिलता है. रिसर्च भी बताती है कि सादा खाना पेट को हेल्दी रखता है और सूजन कम करता है.

लोगों से मिलने-जुलने की आदत
लंबी उम्र वाले लोग सिर्फ मोबाइल या सोशल मीडिया पर बात करने तक सीमित नहीं रहते. वे हफ्ते में एक-दो दिन किसी से आमने-सामने मिलते हैं, जैसे पड़ोसी, भाई-बहन या किसी छोटे ग्रुप से. अच्छा सोशल सर्कल  दिमाग को तेज रखते हैं, अकेलेपन को कम करते हैं और दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद होते हैं.

हफ्ते में एक घंटा शांति के लिए
100 साल तक जीने वाले लोग हफ्ते में कम से कम एक घंटा मन की शांति के लिए निकालते हैं. इसमें कोई पूजा-पाठ करता है, कोई लिखता है और कोई बस चुपचाप बैठता है. इससे मन शांत रहता है और स्ट्रेस कम होता है. रिसर्च बताती है कि मानसिक शांति उम्र से जुड़ी बीमारियों के खतरे को घटाती है.

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किसी की मदद करना
लंबी उम्र जीने वाले लोग हफ्ते में कुछ न कुछ ऐसा करते हैं जिससे किसी की मदद हो सके, जैसे परिवार के काम में हाथ बंटाना, बच्चों को कुछ सिखाना या वॉलंटियर काम करना जिससे उन्हें कुछ करने का पर्पस मिलता है इससे वो अच्छा महसूस करते हैं और अकेलेपन से बचते हैं. यह बढ़ती उम्र में होने वाली बीमारियों से बचाने में मदद करता है.

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