How To Identify Fake Watermelon: तरबूज खाने से पहले जरूर कर लें ये 'कॉटन टेस्ट', दो सेकंड में सामने आ जाएगी हकीकत; दुकानदार नहीं दे पाएगा धोखा

How To Identify Fake Watermelon: गर्मियों में तरबूज खाना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन क्या आप असली और केमिकल वाले तरबूज में फर्क जानते हैं? इंजेक्शन और नकली रंग वाले तरबूज आपकी सेहत बिगाड़ सकते हैं. इस खबर में हम आपको उन तरीकों के बारे में बताएंगे जिनसे आप असली-नकली तरबूज की पहचान कर सकते हैं.

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नकली तरबूज को अगर आप पानी में डालते हैं तो उसका रंग छूटने लगता है. (Photo: ITG) नकली तरबूज को अगर आप पानी में डालते हैं तो उसका रंग छूटने लगता है. (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 03 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:00 PM IST

गर्मी का मौसम आते ही बाजारों में खूब सारे तरबूज दिखने लगते हैं और लोग बड़े चाव से उन्हें खाते भी हैं. चिलचिलाती गर्मी में फ्रिज से निकला ठंडा-ठंडा, लाल और मीठा तरबूज शरीर को अंदर तक ठंडक देता है. लोगों को ऐसा लगता है कि जैसे जन्नत मिल गई हो. तरबूज सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि गर्मियों में लोगों को हाइड्रेट रखने का बहुत बड़ा जरिया है. लेकिन क्या आपने गौर किया है कि आजकल कुछ तरबूज जरूरत से ज्यादा ही लाल और मीठे लगते हैं?

कुछ लोग तरबूज की यही सुंदरता और लालपन देखकर उन्हें खरीद तो लेते हैं. लेकिन बाद में जब उनकी तबीयत बिगड़ती है तो वो बहुत पछताते हैं. दरअसल, ये तरबूज खतरनाक केमिकल्स और नकली रंगों के इंजेक्शन लगाकर पकाए जाते हैं. जो फल हमें सेहत देने वाला था, वही अनजाने में पेट दर्द, एलर्जी और सेहत से जुड़ी बड़ी मुसीबतों का कारण बन जाता है. इसलिए, तरबूज का लुत्फ उठाने से पहले ये जानना बहुत जरूरी है कि तरबूज असली है या नकली. आज हम आपको कुछ तरीके बताने वाले हैं, जिनकी मदद से आप नकली तरबूज का आसानी से पता लगा सकते हैं. 

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कैसे करें असली-नकली की पहचान?

1. कॉटन टेस्ट: तरबूज का एक छोटा टुकड़ा काटकर उसे सूखी रूई या कपड़े पर हल्के से रगड़ें. अगर रूई गहरा लाल हो जाए, तो ये संकेत हो सकता है कि तरबूज में नकली रंग मिलाया गया है. असली तरबूज का रंग इतनी आसानी से कपड़े पर नहीं फैलता.

2. पानी वाला टेस्ट: तरबूज का टुकड़ा साफ पानी में डालकर कुछ मिनट के लिए छोड़ दें. अगर पानी का रंग गुलाबी या लाल होने लगे, तो ये मिलावट का संकेत हो सकता है. नेचुरल तरबूज पानी में रंग नहीं छोड़ता.

3. स्वाद और टेक्शचर से करें पहचान: अगर तरबूज अंदर से लाल दिख रहा है लेकिन उसका स्वाद फीका है, हल्की अजीब बदबू आ रही है या वो बहुत ज्यादा रसीला लगता है, तो मुमकिन है कि उसे केमिकल से पकाया गया हो.

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4. फील्ड स्पॉट: तरबूज के असली-नकली होने का पता लगाने के लिए तरबूज के नीचे वाले हिस्से को ध्यान से देखें, जिसे फील्ड स्पॉट कहते हैं. अगर इसका रंग पीला या क्रीम जैसा है, तो ये नेचुरली पका हुआ होता है. वहीं, सफेद या हरा धब्बा इस बात का संकेत हो सकता है कि तरबूज कच्चा तोड़ा गया और बाद में पकाया गया है.

5. जल्दी खराब होना: अगर तरबूज खरीदने के 2-3 दिन के भीतर ही खराब होने लगे या उससे बदबू आने लगे, तो ये इस बात का संकेत हो सकता है कि उसमें केमिकल का इस्तेमाल किया गया है.

6. डंठल चेक करें: आप तरबूज के असली-नकली होने का पता उसके डंठल से भी लगा सकते हैं. तरबूज का डंठल वो किस तरह से पकाया गया है उसके बारे में काफी कुछ बताता है. सूखा और गहरे रंग का डंठल दिखाता है कि फल नेचुरल तरीके से पका है, जबकि हरा और ताजा डंठल इस बात का संकेत हो सकता है कि इसे कच्चा तोड़ा गया और बाद में पकाया गया.

7. सतह पर निशान: तरबूज की बाहरी सतह पर भी ध्यान देना होता है. अगर उस पर दरारें हैं, जरूरत से ज्यादा चमक या छोटे-छोटे इंजेक्शन जैसे निशान दिखते हैं, तो समझ जाएं कि इसे पकाने के लिए केमिकल्स का इस्तेमाल किया गया है.

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