जब भी बॉडी वेट एक्सरसाइज की बात आती है तो सबसे पहला नाम 'पुश-अप्स' (Push Ups) का ही आता है. यह एक्सरसाइज न सिर्फ आपके चेस्ट और कंधों को मजबूत बनाती है बल्कि आपके पूरे शरीर के बैलेंस और कोर स्ट्रेंथ को भी बढ़ाने में मदद करती है. अक्सर लोग जिम में घंटों पसीना बहाते हैं और गिनकर 12-15 पुशअप के 2-3 सेट करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हेल्दी बॉडी के लिए एक पुशअप का आंकड़ा है कि यदि आप उतने पुशअप कर लेते हैं तो इसका मतलब है कि आप स्वस्थ हैं. तो आइए आप भी उस आंकड़े को जान लीजिए और पुश अप करके देखिए कि क्या आप फिट हैं या फिर सेहत पर ध्यान देने की जरूरत है.
द मेट्रो की रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है, मसल्स का वॉल्यूम कम होने लगता है तो पुश अप की संख्या भी कम होने लगती है. यदि किसी पुरुष की उम्र 20 से 30 साल के बीच है तो उसे कम से कम 17 से 30 पुश-अप्स एक बार में करने चाहिए.
वहीं, 20-30 साल उम्र की महिलाओं को 11 से 20 पुश अप्स एक बार में करने चाहिए. अगर आप इस उम्र में हैं और इतने पुश-अप्स नहीं कर पा रहे हैं, तो यह संकेत है कि आपको अपनी स्ट्रेंथ ट्रेनिंग पर ध्यान देने की जरूरत है.
जब आपकी उम्र 40 के पार हो जाती है तो शरीर की रिकवरी रेट धीमी हो जाती है. 40 से 49 वर्ष के पुरुषों के लिए 11 से 17 पुश-अप्स करना एक अच्छा संकेत माना जाता है. 50 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए संख्या थोड़ी कम हो जाती है. इस उम्र में 8 से 12 पुश-अप्स करना भी आपको फिट कैटेगरी में रखता है. यह केवल संख्या का खेल नहीं है, बल्कि यह बताता है कि आपका दिल और फेफड़े कितने बेहतर तरीके से काम कर रहे हैं.
पुश अप्स की सिर्फ काउंटिग जरूरी नहीं है बल्कि पुश अप करते समय आपकी सही पोजीशन होना भी जरूरी है. गलत तरीके से किए गए पुश-अप्स आपकी पीठ और कंधों में चोट का कारण बन सकते हैं.
पुश अप करते समय अपनी पीठ को सीधा रखें और कोर को टाइट रखें. रोजाना पुश-अप्स करने से न केवल हड्डियों का घनत्व बढ़ता है, बल्कि यह मेटाबॉलिज्म को भी तेज करता है. यदि आप ऊपर बताए गए आंकड़े के मुताबिक, पुश अप नहीं कर पा रहे हैं तो धीरे-धीरे प्रैक्टिस करें तो आप अपने गोल को अचीव कर सकते हैं.
लेकिन हमेशा ध्यान रखें कोई भी वर्कआउट करते समय ईगो में न आएं या दूसरों को देखकर अपने क्षमता को ओवर चैलेंज न करें, वरना चोट के चांस बढ़ जाएंगे.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क