अंडा प्रोटीन का सबसे सस्ता और बेहतरीन सोर्स माना जाता है, लेकिन अक्सर लोग इसे उबालते वक्त गलती कर देते हैं. कभी अंडा कच्चा रह जाता है तो कभी जरूरत से ज्यादा उबलने के कारण उसकी जर्दी के चारों ओर हरा घेरा बन जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स और प्रोफेशनल्स का मानना है कि अंडे को उबालने का समय इस बात पर निर्भर करता है कि आपको जर्दी यानी योग कैसी पसंद है. अगर आप सही तकनीक का इस्तेमाल करते हैं तो हर बार आपको मनचाहा टेस्ट और टेक्सचर मिल सकता है.
अंडे उबालने के लिए अलग-अलग समय तय हैं. अगर आपको 'सॉफ्ट बॉयल्ड' अंडा पसंद है, जिसमें सफेद हिस्सा सेट हो लेकिन जर्दी बहती हुई हो तो 6 मिनट का समय काफी है. मीडियम जर्दी के लिए 8 मिनट और पूरी तरह से उबले हुए 'हार्ड बॉयल्ड' अंडे के लिए 10 से 12 मिनट का समय सबसे अच्छा माना जाता है. लेकिन ध्यान रहे कि 12 मिनट से ज्यादा उबालने पर अंडा रबर जैसा टाइट हो सकता है.
एक गहरे बर्तन में अंडे रखें और उसमें इतना पानी डालें कि अंडे पूरी तरह डूब जाएं. पानी में एक चुटकी नमक डालने से छिलका उतारने में आसानी होती है. जब पानी पूरी तरह उबलने लगे, तब समय नोट करना शुरू करें. अंडे तैयार होते ही उन्हें तुरंत ठंडे पानी या बर्फ वाले बाउल में डाल दें. इसे शॉक ट्रीटमेंट कहते हैं जो पकने की प्रक्रिया को तुरंत रोक देता है और छिलका आसानी से निकल जाता है.
ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन (BHF) जैसे ऑर्गनाइजेशंस के अनुसार, अंडे उबालना सेहत के लिए सबसे अच्छा है क्योंकि इसमें एक्स्ट्रा फैट या तेल का इस्तेमाल नहीं होता. अमेरिकन एग बोर्ड के मुताबिक, अंडे को कमरे के तापमान पर लाने के बाद उबालना ज्यादा बेहतर होता है, इससे छिलका फटने का डर कम रहता है. हमेशा ताजे अंडों का इस्तेमाल करें और उबालने के बाद उन्हें ज्यादा देर तक गर्म पानी में न छोड़ें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क