लोग मोटापे से होने वाली बीमारियों से बचने के लिए वजन कम करने पर जोर दे रहे हैं. वजन कम करने लिए भारत के लोग कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा को सीमित करके हाई-प्रोटीन डाइट ले रहे हैं. इस दौरान कई लोग प्रोटीन की दैनिक जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का सेवन कर ले रहे हैं जो आगे चलकर उनमें किडनी की बीमारियों का कारण बन रहा है. जिन लोगों को पहले से ही किडनी से संबंधित कोई बीमारी है, उनके लिए हाई प्रोटीन डाइट लेना और भी खतरनाक हो सकता है.
यशोदा हॉस्पिटल्स हैदराबाद में किडनी रोगों के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. तरुण कुमार साहा अपने एक आर्टिकल में कहते कि हर व्यक्ति को प्रतिदिन 0.83 ग्राम/किलो (Body Weight) प्रोटीन का सेवन करना चाहिए. जो लोग हाई-प्रोटीन डाइट लेते हैं वो 1.5 ग्राम/किलो प्रोटीन का सेवन करते हैं. वेट लॉस करने के लिए अधिकतर लोग हाई-प्रोटीन डाइट लेते हैं और कई न्यूट्रिशनिस्ट इसे सही भी ठहराते हैं लेकिन अब ये बातें सामने आ रही हैं कि इससे किडनी पर असर हो रहा है.
हाई-प्रोटीन का किडनी पर असर
डॉ. तरुण लिखते हैं कि जिन लोगों को पहले से ही किसी तरह की किडनी की बीमारी है, वो अगर वेट लॉस के लिए हाई प्रोटीन डाइट लेते हैं तो किडनी पर इसका बेहद बुरा असर पड़ता है. इससे शरीर में एसिड अधिक मात्रा में बनने लगता है जिसे हमारी किडनी पूरी तरह फिल्टर नहीं कर पाती और यह शरीर में ही जमा होने लगता है. यह भी संभव है कि अगर कोई स्वस्थ इंसान लंबे समय तक हाई-प्रोटीन डाइट पर रहता है तो उसमें किडनी की बीमारी की शुरुआत हो सकती है.
डॉ. तरुण आगे बताते हैं कि पौधों से मिलने वाले प्रोटीन की अपेक्षा जानवरों से मिलने वाले प्रोटीन के अधिक सेवन से किडनी के खराब होने का रिस्क ज्यादा होता है. ऐसा इसलिए क्योंकि जानवरों से मिलने वाले प्रोटीन में अधिक मात्रा में सैचुरेटेड फैट होता है. अंडे का सफेद हिस्सा, मछली और कम वसा वाले चिकन में हालांकि, सैचुरेटेड फैट कम होता है.
जिम जाने वाले लोग दें ध्यान
जिम जाने वाले अधिकतर लोग प्रोटीन सप्लीमेंट लेते हैं. ऐसे लोगों को प्रोटीन सप्लीमेंट का कंपोजीशन पढ़ना चाहिए और उसकी एक निर्धारित मात्रा का ही रोजाना सेवन करना चाहिए. जिम जाने वाले लोग Whey Protein का खूब इस्तेमाल करते हैं जो मांसपेशियों को बढ़ाने में मदद करता है. लेकिन यह प्रोटीन यूरीन की मात्रा को बढ़ाता है और इसके सेवन से यूरीन द्वारा निकलने वाले कैल्सियम की मात्रा में भी वृद्धि होती है. इससे किडनी पर बोझ पड़ता है और किडनी में स्टोन हो जाता है. इसलिए Whey Protein का सेवन प्रतिदिन 25-50 ग्राम ही करना चाहिए.
कीटो डाइट का किडनी पर असर
वजन कम करने के लिए लोग कीटो डाइट पर रहते है जिसमें फैट और प्रोटीन की अधिकता होती है और कार्बोहाइड्रेट्स काफी कम होता है. जिन लोगों की किडनी सही से काम कर रही है, उनके लिए तो ये सेफ मानी जाती है लेकिन जो लोग किडनी की किसी बीमारी से जूझ रहे हैं उनके लिए यह बिल्कुल सेफ नहीं है. हाई फैट और प्रोटीन डाइट किडनी पर अधिक बोझ डालते हैं जो किडनी की बीमारी को और अधिक गंभीर बना सकती है.
कीटो डाइट किडनी में क्रिएटिनिन (शरीर का केमिकल वेस्ट प्रोडक्ट जिसे हमारी किडनी रक्त से छानकर यूरीन के जरिए शरीर से बाहर निकाल देती है) के लेवल को बढ़ा देती है. इसलिए अगर आप किडनी की किसी समस्या से जूझ रहे हैं तो एक्सपर्ट की सलाह पर ही किसी तरह का डाइट प्लान करें.
किडनी को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
किडनी को स्वस्थ रखने के लिए प्रतिदिन 1.5 ग्राम/किलो प्रोटीन से ज्यादा का सेवन न करें. यह भी ध्यान रखें कि ये प्रोटीन आप किसी प्राकृतिक स्रोत से लें रहें हैं, सप्लीमेंट्स के जरिए नहीं. हाई कार्बोहाइड्रेट्स वाले डाइट से भी बचें. पर्याप्त मात्रा में ताजे फल-सब्जियों का सेवन करें. प्रतिदिन तीन से चार लीटर पानी और दूसरे लिक्विड का सेवन करें.
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