Sprouted potatoes side effect: आलू एक ऐसी सब्जी है जिसके बिना भारतीय खाने की कल्पना भी नहीं की जाती. मानाकि कई लोग हैं जो किन्हीं कारणों से आलू का सेवन नहीं करते लेकिन आलू ऐसी सब्जी है जिसे अधिकतर डिश में डाला जा सकता है, चिप्स बनाए जा सकते हैं या फिर उन्हें पराठे में भी मिलाया जा सकता है. कई बार अक्सर लोग रोजाना इस्तेमाल होने वाली इस सब्जी को एक साथ अधिक मात्रा में खरीद लेते हैं. फिर जैसे-जैसे समय निकलता है तो आप देखते होंगे कि उनमें छोटे-छोटे सफेद या हरे रंग के अंकुर निकलने लगते हैं.
ज्यादातर घरों में महिलाएं इन अंकुरों को हटाकर आलू की सब्जी बना लेती हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि आलू अंदर से तो ठीक ही है. लेकिन फूड एक्सपर्ट्स और डॉक्टरों की मानें तो ऐसा करना आपकी सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है. यह सिर्फ स्वाद का मामला नहीं है, बल्कि यह सीधे तौर पर फूड पॉइजनिंग और नर्वस सिस्टम से जुड़ी बीमारियों का संकेत है.
हेल्थलाइन के मुताबिक, अंकुरित आलू देखकर बहुत से लोग उसे छीलकर, अंकुर हटाकर किचन में इस्तेमाल कर लेते हैं. लेकिन ऐसा करना हमेशा सुरक्षित नहीं होता क्योंकि आलू में अंकुर निकलना और छिलके का हरा पड़ना इस बात का संकेत है कि उसमें ग्लाइकोएल्कलॉइड्स बढ़ रहे हैं.
पॉइजन कंट्रोल के मुताबिक, हरे या अंकुरित आलू खाने से सोलानिन और चाकोनिन की वजह से टॉक्सिसिटी का खतरा बढ़ जाता है, जबकि मेडिलाइन प्लस साफ कहता है कि हरे आलू और नए अंकुर खाने से बचना चाहिए. ये जहरीले तत्व खास तौर पर आलू की स्प्राउट्स और हरी जगह पर अधिक जमा होते हैं.
आसान शब्दों में समझें तो जब आलू अंकुरित होने लगता है तो उसमें नेचुरल से पाए जाने वाले टॉक्सिन्स जैसे सोलेनिन और चैकोनिन की मात्रा तेजी से बढ़ने लगती है. आलू में यह प्रक्रिया उसे कीड़ों और बीमारियों से बचाने के लिए होती है लेकिन इंसानों के लिए यह हानिकारक है.
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश हुई रिसर्च बताती है कि स्प्राउड या अंकुर वाले आलू खाने के कुछ ही घंटों में हल्के लक्षण से लेकर पेट दर्द, उल्टी, दस्त, सिरदर्द और चक्कर तक पहुंच सकते हैं. कुछ मामलों में लो ब्लड प्रेशर, बुखार, धुंधलापन और नर्वस सिस्टम पर असर भी देखा जा सकता है. यही वजह है कि एक्सपर्ट ऐसे आलू को खाने से बचने की सलाह देते हैं.
जर्मन फेडरेशन इंस्टीट्यूट फॉर रिस्क असेसमेंट के मुताबिक, अगर आलू हल्का सा अंकुरित हुआ है और वह अभी भी कड़क है तो उसे काटकर इस्तेमाल किया जा सकता है. लेकिन अगर आलू नरम पड़ गया है, उसका रंग हरा हो गया है या अंकुर काफी बड़े हो गए हैं तो उसे तुरंत फेंक देना ही समझदारी है.
आलू को स्टोर करते समय भी सावधानी बरतें जैसे कि आलू को हमेशा ठंडी, सूखी और अंधेरी जगह पर रखें. धूप और नमी मिलने पर ही आलू तेजी से अंकुरित होते हैं. अगर आप आलू को प्याज के साथ रखते हैं तो भी वे जल्दी खराब हो सकते हैं क्योंकि प्याज से निकलने वाली गैस अंकुरण की प्रक्रिया को तेज कर देती है.
इसलिए हमेशा अंकुरित या हरे दिखने वाले आलू को खाने से बचें. हमेशा उतने ही आलू लाएं जितने की आप इस्तेमाल कर सकें या फिर 4-5 दिन के लिए ही स्टोर करें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क