श्रीदेवी की अचानक मृत्यु से सारा देश सदमे में है. शनिवार को 54 साल की उम्र में श्रीदेवी ने दुबई में अंतिम सांस ली. वो वहां एक शादी के समारोह में शिरकत करने गई हुई थीं जहां उनका निधन हो गया. श्रीदेवी का यूं अचानक चले जाना बेहद दुखी करने वाला है.
फिटनेस को लेकर बेहद सजग रहने वाली श्रीदेवी की मौत के पीछे कार्डियक अरेस्ट को ही वजह माना जा रहा है. आखिर क्या होता है कार्डियक अरेस्ट जो स्वस्थ और तंदरुस्त इंसान को भी मौत के मुंह में पहुंचा सकता है? आइए जानते हैं...
क्या होता है कार्डियक अरेस्ट
इसमें दिल के भीतर विभिन्न हिस्सों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान गड़बड़ हो जाता है, जिसकी वजह से दिल की धड़कन पर बुरा असर पड़ता है. जकार्डियोपल्मोनरी रेसस्टिसेशन (CPR) के जरिए हार्ट रेट को नियमित किया जाता है. जिन लोगों को पहले हार्ट अटैक आ चुका है, उन्हें कार्डियक अरेस्ट आने की आंशका ज्यादा रहती है.
हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में अंतर
कई सारे लोग इन दोनों को एक समझते हैं पर ये अलग-अलग हैं. हार्ट अटैक के दौरान हृदय के कुछ हिस्सों में खून का बहाव जम जाता है जिस वजह से हार्ट अटैक होता है. वहीं दूसरी तरफ कार्डियक अटैक में किन्हीं कारणों से हृदय उचित तरीके से काम करना बंद कर देता है और अचानक से रुक जाता है.
कार्डियक अरेस्ट के लक्षण-
हृदय का धकधकाना
थकान का एहसास होना
सांसों का छोटा होना
हृदय में दर्द महसूस होना
चक्कर आना
इन कारणों से बढ़ सकता है कार्डियक अरेस्ट का खतरा
डायबेटीज
धूम्रपान
कॉलेस्ट्राल का बढ़ना
दैनिक जीवन में कसरत, योग और व्यायाम को शामिल नहीं करना
हाई ब्लडप्रेशर और हाइपरटेंशन
सडेन कार्डियक अटैक से बचाव
ऐसा महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की आवश्यकता है. कार्डियोपल्मोनरी रिसकिटशन (CPR) की मदद से इसका इलाज संभव है. हालांकि सामान्य डॉक्टर डेफिब्रिलेटर की मदद से भी इसका इलाज कर सकते हैं. अगर सही समय पर सकारात्मक कदम उठाए गए तो इंसान की जान बच भी सकती है.
हंसा कोरंगा