खानपान और लाइफस्टाइल में हो रहे बदलाव हमारी सेहत पर सबसे ज्यादा प्रभाव डालते हैं. इसलिए हम क्या खाते और किस तरह की फूड हैबिट को अपनाते हैं इसका सही होना बहुत जरूरी है. भागदौड़ की जिंदगी में समय का अभाव सबके पास है और इसी के चलते रेडीमेड खाना यानि कि पैक्ड फूड का चलन अब भारत में भी बढ़ गया है.
सुबह के समय नाश्ता करने का समय नहीं मिला तो कुछ पैक्ड खाने के सहारा ले लिया और ये एक दिन की मजबूरी कब आदत बन जाती है पता नहीं चलता. जहां एक और इस खाने ने जिंदगी को थोड़ी सी सहूलियत ही है तो वहीं दूसरी और सेहत के लिए हानिकारक भी साबित हो रहा है. आइए जानें इस बात में कितनी सच्चाई है...
- पैक्ड फूड को लंबे समय तक सुरक्षित बनाएं रखने के लिए इसमें केमिकल का इस्तेमाल किया जाता है जो हमारे शरीर के लिए हानिकारक होते हैं.
- कई तरह के पैक्ड फूड में सोडियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है इसलिए इन्हें खरीदते समय न्यूट्रीशियस फैक्ट्स को जरूर चेक कर लें.
- जिन डिब्बाबंद खाने की चीजों में फ्रक्टोज कॉर्न सीरप और नमक मौजूद हो ऐसी खाने की चीजों को न खरीदें या इनका इस्तेमाल कम करें.
- पैक्ड केक, कुकीज, हाई कैलोरी चिप्स, कैंडी आदि चीजों को लेबल देखकर ही खरीदें.
- फ्रेश न होने के कारण ऐसी खाने की चीजों में पोषक पदार्थों की कमी होती है और इनमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा भी बहुत अधिक होती है.
- पैक्ड फूड की चीजें जैसे ड्राई फ्रूट्स, ओटमील, भुने नट्स , फ्रोजन सी फूड आदि अच्छे होते हैं इन्हें खाने में शामिल किया जा सकता है.
(चीफ क्लीनिकल नूट्रिशनिस्ट संध्या पांडेय से बातचीत पर आधारित)
वन्दना यादव