आहार में सूखे मेवा का शामिल करना जरूरी है, जाने क्यों...

ताजे फलों के मुकाबले आहार में सूखे मेवे शामिल करना ज्यादा फायदेमंद होता है. क्योंकि जो ताजा फल आप खा रहे हैं पता नहीं उसमें आपकी जरूरत के मुताबिक सभी विटामिन और खनिज शामिल हैं या नहीं. जबकि आमतौर पर सूखे मेवे में आपकी जरूरत के हिसाब से सभी खनिज तत्व पाये जाते हैं. इसलिए ताजा फल के बजाये सूखे मेवे ज्यादा फायदा करते हैं.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 फरवरी 2015,
  • अपडेटेड 8:07 AM IST

ताजे फलों के मुकाबले आहार में सूखे मेवे शामिल करना ज्यादा फायदेमंद होता है. क्योंकि जो ताजा फल आप खा रहे हैं पता नहीं उसमें आपकी जरूरत के मुताबिक सभी विटामिन और खनिज शामिल हैं या नहीं. जबकि आमतौर पर सूखे मेवे में आपकी जरूरत के हिसाब से सभी खनिज तत्व पाए जाते हैं. इसलिए ताजा फल की जगह सूखे मेवे ज्यादा फायदा करते हैं.

एक और खास बात यह है कि सूखे मेवे लंबे वक्त तक रखे रह सकते हैं और कहीं भी किसी भी तरह उन्हें ले जाया जा सकता है. सूखे मेवे में ताजे फल से ज्यादा कैलोरी होती है.

आहार में सूख मेवे शामिल करने की तीन वजह 

एंटीऑक्सीडेंट: रिसर्च के मुताबिक पता चला है कि सूखे फल एंटीऑक्सीडेंट के अच्छे स्रोत होते है. जिससे कैंसर, हृदय रोग, ऑस्टियोपोरोसिस, मधुमेह और मस्तिष्क जैसी कई बीमारियों के खिलाफ लड़ने की ताकत मिलती है.

फाइबर: माना जाता है कि सूखे फलों में ताजे फलों के मुकाबले ज्यादा फाइबर होते हैं फाइबर हमारे पाचन तंत्र को सही रूप से चलाने के लिए जरूरी है.  खुबानी और किशमिश जैसे सूखे फल फाइबर के अच्छे स्रोत हैं. रिसर्च से पता लगता है कि फाइबर भी मोटापा, हृदय रोग और कैंसर जैसी खतरनाक बीमारियों को रोकने में मदद कर सकते हैं. 

कोलेस्ट्रॉल / रक्तचाप: काजू, बादाम, पिस्ता और किशमिश जैसे सूखे फल एक स्वस्थ शरीर के कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. यह एक बड़े स्तर तक रक्तचाप कम करने में भी मदद करते हैं.

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