नारंगी और हल्का पीला… अंडे की जर्दी का क्यों होता है ऐसा रंग? किसमें अधिक प्रोटीन

क्या आप जानते हैं कि अंडे की जर्दी का रंग मुर्गी के लाइफस्टाइल और डाइट का आइना होता है? गहरे नारंगी से लेकर हल्के पीले रंग तक, जर्दी के हर शेड के पीछे एक ठोस वैज्ञानिक कारण है.

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yellow yolk vs orange yolk yellow yolk vs orange yolk

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 17 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 9:00 AM IST

Yellow yolk vs orange yolk: अंडे को सुपरफूड की कैटेगरी में रखा जाता है क्योंकि ये प्रोटीन और कई विटामिन-मिनरल्स से भरपूर होता है. ऐसे में सुबह का नाश्ता हो या प्रोटीन डाइट लेनी हो, फिजिकल एक्टिविटी अधिक हो या हेल्दी खाना हो, ऐसे में अधिकतर लोग अंडे का ही सेवन करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि कुछ अंडों की जर्दी गहरी नारंगी होती है तो कुछ की हल्की पीली? कुछ लोगों का मानना है कि जिन अंडों की जर्नी नारंगी रंग की होती है, वो अधिक हेल्दी होते हैं. लेकिन ये सच नहीं है. तो आइए जानते हैं, अंडे की जर्दी के रंग के पीछे की क्या सच्चाई है.

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क्या कहता है साइंस?

साइंस कहता है कि जर्दी का यह रंग पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि मुर्गी ने अपने खाने में क्या खाया है. जर्नल ऑफ द साइंस ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चर के मुताबिक, अंडे की जर्दी का रंग कैरोटीनॉयड (Carotenoids) नामक पिगमेंट से आता है. ये वही नेचुरल कंपाउंड है जिससे गाजर, पालक या मक्के को रंग आता है. हालांकि मजेदार बात ये है कि मुर्गियां खुद कैरोटीनॉयड नहीं बना सकतीं. वो जो कुछ भी खाती हैं, वही उनके अंडे की जर्नी के रंग का कारण बनता है.

यदि मुर्गियां खुले मैदानों में घूमती हैं, घास, कीड़े और बीज खाती हैं तो उनकी जर्दी गहरी नारंगी होती है. वहीं जो मुर्गियां बंद जगहों पर रहती हैं और सिर्फ मक्का या सोयाबीन वाला दाना खाती हैं, उनके अंडों की जर्दी हल्की पीली रहती है.

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क्या नारंगी जर्दी अधिक पौष्टिक होती है?

मदर अर्थ न्यूज एग स्टडी 2007 के मुताबिक, खुले में चरने वाली मुर्गियों के अंडों में ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन A, E और D की मात्रा अधिक होती है. इसका मतलब है कि जिन अंडों का रंग नारंगी होता है तो उसमें आम तौर पर पोषक तत्व अधिक होते हैं.

हालांकि, प्रोटीन और फैट की कुल मात्रा लगभग समान रहती है इसलिए अगर आप सिर्फ एनर्जी या प्रोटीन चाहते हैं तो दोनों प्रकार के अंडे समान लाभ दे सकते हैं लेकिन विटामिन और फैटी एसिड के मामले में नारंगी जर्दी वाली किस्में बेहतर हो सकती हैं.

कलरिंग एजेंट्स से भी बढ़ाया जाता है रंग

फूड एंड एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट ऑफ यूएस के मुताबिक, कुछ कमर्शियल फार्म जर्दी का रंग गहरा दिखाने के लिए दाने में मैरीगोल्ड पेटल्स, पप्रिका एक्सट्रैक्ट या सिंथेटिक पिगमेंट्स भी मिलाते हैं. इससे जर्दी देखने में तो गहरी नारंगी लगती है लेकिन यह जरूरी नहीं कि उसकी ओवरऑल न्यूट्रिशन क्वालिटी भी उतनी ही बेहतर हो जितनी खुले में घूमने वाली मुर्गी के अंडों की होती है.

(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सामान्य रिसर्च और एक्सपर्ट्स की राय पर आधारित है. इसे किसी भी तरह की मेडिकल सलाह या इलाज का ऑपशंस न समझें.)

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