भारत देश में सालों तक विदेशी व्हिस्की का बोलबाला था. घरों में या पार्टी में इंपोर्टेड व्हिस्की होना शान समझा जाता था, लेकिन अब शराब के शौकीन लोगों का स्वाद बदल रहा है. अब देश से लेकर विदेशों तक में भारतीय व्हिस्की का बोलबाला है. हाल ही में, इंद्री सिंगल मॉल्ट इंडियन व्हिस्की 2023 एडिशन को दुनिया की सबसे बेस्ट व्हिस्की का खिताब मिला है.
कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहलिक बेवरेज कंपनीज के महानिदेशक विनोद गिरि ने बताया कि भारतीय माल्ट व्हिस्की अब भारत में उपभोग की जाने वाली सभी प्रीमियम सिंगल माल्ट व्हिस्की का लगभग आधा हिस्सा है. विनोद गिरि की मानें तो अगले साल तक ये संख्या इस साल की संख्या से भी आगे निकल जाएगी. उन्होंने आगे बताया कि अधिकांश वैश्विक विशेषज्ञ हर साल भारतीय उत्पादों को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ व्हिस्की में शुमार करते हैं. बता दें, भारतीय माल्ट व्हिस्की अब दुनिया भर के 60 से अधिक देशों में निर्यात की जाती है.
क्या है स्कॉच
जहां साल 2022 में सिंगल माल्ट स्कॉच की बिक्री में 35 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई थी, वहीं भारतीय सिंगल माल्ट व्हिस्की की बिक्री में 142 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी. बता दें, कोई भी व्हिस्की तभी स्कॉच कहलाएगी, जब वो स्कॉटलैंड में बनी हो. अगर स्कॉटलैंड में नहीं बनी तो उसे स्कॉच नहीं कहेंगे.
क्यों लोकप्रीय हो रही भारतीय व्हिस्की
भारत के बारले (जौ) से बनने वाली व्हिस्की स्कॉटिश जौ से बनने वाली व्हिस्की से स्वाद में अलग होती है. इसके अलावा, भारत की गर्म जलवायु में व्हिस्की के मैच्यूर होने का दर स्कॉटलैंड की तुलना में पांच गुना ज्यादा होता है. इसका मतलब यह है कि भारत में तीन साल पुरानी व्हिस्की 9 से 15 साल पुरानी स्कॉच व्हिस्की के समान प्रभावी होती है.
भारतीय व्हिस्की की खरीद में 26 प्रतिशत की वृद्धि
भारतीय प्रीमियम व्हिस्की की लोकप्रीयता सभी प्राइस बैंड में बढ़ रही है. भारतीय व्हिस्की में 2022 में 42 प्रतिशत की भारी वृद्धि देखने को मिली. बता दें, 1000 से 2000 रुपये के बीच की भारतीय व्हिस्की की खरीद में 26 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली. जबकि, स्कॉच व्हिस्की में 19 प्रतिशत की बढ़त देखी गई.
सम्राट शर्मा