Bread types and health effects: अक्सर लोग सुबह नाश्ते में या फिर ईवनिंग स्नैक्स में ब्रेड का सेवन करते हैं और इसलिए रेडी टू ईट होने के कारण लोग अक्सर इसे अपनी डाइट में शामिल करते हैं. अब चाहे ब्रेड बटर हो या फिर ब्रेड ऑमलेट, सैंडविच हो या कोई और डिश..अक्सर लोग अलग-अलग से ब्रेड खाते हैं. मार्केट में लोगों की पसंद देखते हुए अलग-अलग तरह की ब्रेड मौजूद हैं जैसे व्हाइट ब्रेड, मिल्क ब्रेड, ब्राउन ब्रेड, मल्टीग्रेन ब्रेड आदि. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपके किचन में रखी ब्रेड आपको बीमार बना रही है? अक्सर वजन घटाने या हेल्दी रहने के लिए 'वाइट ब्रेड' को छोड़कर 'ब्राउन' या 'होल-व्हीट' ब्रेड का खाना शुरू करते हैं लेकिन ये आपकी गलत फहमी भी हो सकती है कि वो हेल्दी है.
एक्सपर्ट्स का मानना है कि हर वो ब्रेड जो ब्राउन दिखती है वो हेल्दी नहीं होती. दरअसल, बाजार में मिलने वाली कई तथाकथित हेल्दी ब्रेड्स में ऐसे छिपे हुई चीजें होती हैं जो शुगर लेवल बढ़ा सकती हैं और डाइजेशन बिगाड़ सकती हैं. आइए जानते हैं कि आपके लिए कौन सी ब्रेड बेस्ट है और कौन सी ब्रेड से आपको बचना चाहिए.
मल्टीग्रेन ब्रेड (Multigrain bread)
बाजार में मिलने वाली 'मल्टीग्रेन' ब्रेड को अक्सर सबसे सेहतमंद माना जाता है क्योंकि विज्ञापन में उसके कई फायदे बताए जाते हैं कि उसमें कई तरह के अनाज भी मिले हैं. एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि 'मल्टीग्रेन' का मतलब हमेशा 'होल ग्रेन' नहीं होता.
कई बार इसमें सिर्फ रिफाइंड आटे (मैदा) में ऊपर से थोड़े से अनाज के दाने मिला दिए जाते हैं. साथ ही, इसे भूरा रंग देने के लिए कैरामेल या मोलासेस का इस्तेमाल होता है, जो असल में शुगर का ही एक रूप है इसलिए पैकेट खरीदने से पहले उसके पीछे लिखे इंग्रेडिएंट जरूर चेक करें.
सफेद ब्रेड (White bread)
वाइट ब्रेड यानी सफेद ब्रेड को पोषण के मामले में सबसे नीचे रखा गया है. यह पूरी तरह से रिफाइंड आटे से बनी होती है, जिसमें से फाइबर और जरूरी पोषक तत्व पूरी तरह निकाल दिए जाते हैं. इसे खाने से शरीर में ब्लड शुगर लेवल तेजी से बढ़ता है जिससे इंसुलिन रेजिस्टेंस और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है.
न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि सफेद ब्रेड ब्लैंक कैलोरी के अलावा शरीर को कुछ नहीं देती, जिससे पेट तो भर जाता है लेकिन पोषण नहीं मिलता.
सॉरडो (Sourdough)
डाइजेशन और हार्ट के लिए सॉरडो 'सुपरफूड' है. अगर आप ब्रेड के शौकीन हैं और समझौता नहीं करना चाहते, तो सॉरडो ब्रेड आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प हो सकती है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसे बनाने की फर्मेंटेशन प्रक्रिया इसे खास बनाती है. इसमें मौजूद नेचुरल प्रोबायोटिक्स आंतों के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं.
यह ब्रेड अन्य ब्रेड के मुकाबले धीरे पचती है, जिससे आपका शुगर लेवल एकदम से नहीं बढ़ता. अगर आपको ब्लोटिंग या पाचन की समस्या है, तो एक्सपर्ट्स इसी ब्रेड को अपनी डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं.
स्प्राउटेड ग्रेन ब्रेड (Sprouted Grain Bread)
अंकुरित अनाज से बनी ब्रेड को भी सेहतमंद माना जाता है. अनाज को अंकुरित किया जाता है तो उसके पोषक तत्व बढ़ जाते हैं और शरीर उन्हें आसानी से सोख पाता है. इसमें प्रोटीन की मात्रा अधिक और कार्बोहाइड्रेट कम होता है. जो लोग वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं या जिम जाते हैं, उनके लिए यह ब्रेड किसी वरदान से कम नहीं है. इसमें फाइबर की मात्रा भी भरपूर होती है, जो लंबे समय तक भूख नहीं लगने देती.
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Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है. किसी भी स्वास्थ्य समस्या या डाइट में किसी भी बदलाव से पहले हमेशा अपने डॉक्टर, न्यूट्रिशनिस्ट या डायटीशियन से सलाह जरूर लें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क