कनाडा में गोलीबारी की एक घटना में कर्नाटक के 37 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई है. मृतक की पहचान चंदन कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से कर्नाटक के नेलमंगला स्थित थ्यमगोंडलु गांव का रहने वाले थे और पिछले कई वर्षों से काम के सिलसिले में विदेश में रह रहे थे. टोरंटो पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, यह हमला शनिवार दोपहर वुडबाइन शॉपिंग सेंटर की पार्किंग में हुआ, जो रेक्सडेल बुलेवार्ड और हाईवे 27 के पास स्थित है. पुलिस को दोपहर करीब 3:31 बजे गोलीबारी की सूचना मिली, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम को एक व्यक्ति गंभीर गोली लगने की हालत में मिला.
घायल को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. जांचकर्ताओं के अनुसार, जिस वाहन में चंदन कुमार यात्रा कर रहे थे, उस पर कई राउंड फायरिंग की गई. मामले में हत्या की जांच शुरू कर दी गई है, हालांकि संदिग्धों के बारे में अभी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है. चंदन कुमार पिछले लगभग छह वर्षों से कनाडा में काम कर रहे थे. कर्नाटक में उनके माता-पिता को इस घटना की जानकारी पुलिस द्वारा दी गई. उनके पिता नंदकुमार एक सेवानिवृत्त शिक्षक हैं.
यह भी पढ़ें: कनाडा की सड़कों पर गुजारी रातें-नौकरी कर किया गुजारा, 33 की उम्र में करोड़ों का मालिक है सिंगर, जीता है लैविश लाइफ
मूल रूप से कर्नाटक के रहने वाले चंदन कुमार इंडो-कैनेडियन समुदाय में काफी जाने-माने थे और उन्होंने अपने लिंक्डइन प्रोफाइल पर ब्राम्पटन के मेयर पैट्रिक ब्राउन जैसी हस्तियों के साथ तस्वीरें पोस्ट की थीं. उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, वह एक आईटी प्रोफेशनल थे और LTI माइंडट्री में काम करते थे, जो लार्सन एंड टुब्रो इन्फोटेक कनाडा की सब्सिडियरी कंपनी है. वह पहले कॉग्निजेंट में भी काम कर चुके थे, और उन्होंने बैंगलोर में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी. वह कन्नड़ संघ टोरंटो के सोशल मीडिया को-ऑर्डिनेटर और विश्व आर्य वैश्य महासभा-कनाडा के उपाध्यक्ष के रूप में भी सक्रिय थे.
केंद्र सरकार ने इस बजट सत्र में संसद को जानकारी दी है कि 2018 से 2025 के बीच कनाडा में पढ़ाई कर रहे 17 भारतीय छात्रों की हिंसक हमलों में मौत हुई है. विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी द्वारा लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि इस अवधि के दौरान कनाडा में इस तरह की मौतों की संख्या सबसे अधिक रही. देशवार आंकड़े साझा करते हुए कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि कनाडा में 17, अमेरिका में 9, ऑस्ट्रेलिया में 3, जबकि यूनाइटेड किंगडम, चीन, डेनमार्क, जर्मनी और ग्रेनेडा में एक-एक भारतीय छात्र की हिंसक घटनाओं में मौत हुई. किर्गिस्तान से ऐसी दो मौतों की सूचना मिली.
सगाय राज