मेट्रो के अंदर चिल्ला- चिल्लाकर गाने लगीं 11 लड़कियां, काटा बवाल, पुलिस पहुंची तो...

बेंगलुरु मेट्रो में यात्रा के दौरान हंगामा करने और यात्रियों को परेशान करने के आरोप में 11 महिला यात्रियों को हिरासत में लिया गया. आरोप है कि उन्होंने ट्रेन के अंदर तेज आवाज में गाना गाया और विरोध करने पर बहस की.

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मेट्रो के अंदर चिल्ला- चिल्लाकर गाने लगी 11 लड़कियां (Photo: representational image) मेट्रो के अंदर चिल्ला- चिल्लाकर गाने लगी 11 लड़कियां (Photo: representational image)

aajtak.in

  • बेंगलुरु,
  • 20 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:11 PM IST

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में मेट्रो यात्रा के दौरान लड़कियों के एक ग्रुप की हरकतों ने अन्य यात्रियों के लिए परेशानी खड़ी कर दी. मामला 15 मार्च की रात का है, जब 11 लड़कियां मेट्रो ट्रेन में सफर कर रही थीं. उन पर हंगामा करने का आरोप लगा है.ॉ

चिल्लाकर गाने लगीं 11 लड़कियां

पुलिस के अनुसार, यह ग्रुप बेंगलुरु इंटरनेशनल एग्जीबिशन सेंटर से नाडाप्रभु केम्पेगौड़ा मेट्रो स्टेशन की ओर जा रहा था. इसी दौरान लड़कियों ने कोच के अंदर तेज आवाज में गाना गाना शुरू कर दिया. शुरुआत में कुछ यात्रियों ने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन जब शोर बढ़ा तो अन्य यात्रियों ने आपत्ति जताई.

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प्लेटफॉर्म पर भी यात्रियों से बहस

बताया जा रहा है कि विरोध के बाद भी महिलाएं नहीं मानीं और बहस शुरू हो गई. मामला तब और बढ़ गया जब पीन्या इंडस्ट्रियल एरिया स्टेशन पर कुछ यात्री उतरकर प्लेटफॉर्म पर भी बहस करने लगे. इस दौरान ट्रेन के दरवाजे बंद होने में भी बाधा आई, जिससे कुछ देर के लिए संचालन प्रभावित हुआ.

पुलिस पहुंची तो कंट्रोल किए हालात

स्थिति बिगड़ती देख मेट्रो सुरक्षा कर्मियों और होयसला पेट्रोलिंग टीम ने मौके पर पहुंचकर हस्तक्षेप किया और हालात को काबू में किया. अधिकारियों ने बताया कि यह ग्रुप कई स्टेशनों पर इसी तरह की हरकतें करता रहा, जिससे यात्रियों को असुविधा हुई.

लड़कियों ने मानी अपनी गलती

बाद में मेट्रो प्रशासन की शिकायत पर इन 11 महिला यात्रियों के खिलाफ नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट दर्ज की गई. यह उन मामलों में दर्ज की जाती है, जिन्हें अपेक्षाकृत मामूली श्रेणी का अपराध माना जाता है.पूछताछ के दौरान सभी महिलाओं ने अपनी गलती स्वीकार की और माफी मांगी. इसके बाद पुलिस ने उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया. अधिकारियों ने कहा कि मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन में अनुशासन और शालीनता बनाए रखना सभी यात्रियों की जिम्मेदारी है. इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर व्यक्तिगत व्यवहार की सीमाएं क्या होनी चाहिए.  

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