Hindi Jokes: सोनू और मोनू ने परीक्षा पर की ये मजेदार चर्चा, पढ़ें मज़ेदार चुटकुले

हंसना-मुस्कुराना और खिलखिलाना स्वस्थ जीवन के लिए बहुत जरूरी है. इससे व्यक्ति मानसिक तौर पर फ्रेश रहता है. हंसने, हंसाने और गुदगुदाने के लिए आइए पढ़ते हैं सोशल मीडिया पर वायरल जोक्स और चुटकुले.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:02 AM IST

> पति- परसों मेरी बीवी कुएं में गिर गई, 
बहुत चोट लगी, बहुत चिल्ला रही थी.
डॉक्टर- अब तबीयत कैसी है?
पति- अब ठीक है,
कल से कुएं से आवाज नहीं आई.

 

> सोनू -मोनू परीक्षा पर चर्चा कर रहे थे,
अगर परीक्षा में पेपर बहुत कठिन हो तो…आंखें बंद करो, 
गहरी सांस लो और जोर से कहो- ये सब्जेक्ट बहुत मजेदार है...
इसलिए अगले साल फिर पढ़ेंगे.

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> पति - सुनो, अगर आपके बाल इसी रफ्तार से झड़ते रहे तो मैं तुम्हे तलाक दे दूंगा.
पत्नी - हे भगवान, मैं पागल इनको बचाने की कोशिश कर रही थी.

 

> डॉक्टर - आपका लड़का पागल कैसे हो गया?
पिता- वो पहले जनरल बोगी में सफर करता था.
डॉक्टर - तो?
पिता- लोग बोलते थे थोड़ा खिसको-थोड़ा खिसको, तभी खिसक गया.

 

ऐसे ही जोक्स पढ़ने के लिए यहा क्लिक करें

 

> Wife ने एक बोर्ड देखा
बनारसी साड़ी 10/-
नायलॉन 8/-
कॉटन 5/-
Wife खुश होकर अपने पति से- मुझे 500 रुपए दो, मैं 50 साड़ी खरीदूंगी.
पति- अरी ओ बीरबल की मां, प्रेस करने वाले की दुकान है वो.

 

> विदाई के समय दूल्हे का मोबाइल बजा
दुल्हन ने जोर का थप्पड़ जड़ दिया.
रिश्तेदार- ऐसा क्यों ?
क्योंकि उसकी रिंगटोन थी-
"दिल में छुपाकर प्यार का अरमान ले चले
हम आज अपनी मौत का सामान ले चले".

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> टीटू ऑफिस में लेट पहुंचा,
बॉस- कहां थे अब तक?
टीटू- जी वो गर्लफ्रेंड को कॉलेज छोड़ने गया था,
बॉस- शटअप, कल से ऑफिस टाइम से आना नहीं तो खैर नहीं,
टीटू- ठीक है, अपनी बेटी को खुद ही कॉलेज छोड़ देना.
बॉस बेहोश!

 

> पिता ने पूछा- बेटा तू फेल कैसे हो गया?
बेटा- पापा पेपर में प्रश्न ही ऐसे आए थे जो मुझे पता नहीं थे
पिता- अच्छा…तो फिर तुमने उत्तर कैसे लिखे?
बेटा- मैंने भी उत्तर ऐसे लिखे, जो मास्टर को पता नहीं थे.


(डिस्क्लेमरः इस सेक्शन के लिए चुटकुले वॉट्सऐप व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शेयर हो रहे पॉपुलर कंटेंट से लिए गए हैं. इनका मकसद सिर्फ लोगों को थोड़ा गुदगुदाना है. किसी जाति, धर्म, मत, नस्ल, रंग या लिंग के आधार पर किसी का उपहास उड़ाना, उसे नीचा दिखाना या उसपर टीका-टिप्पणी करना हमारा उद्देश्य कतई नहीं है.)

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