जब सोवियत रूस ने ओलंपिक खेल का बहिष्कार किया, अमेरिका ने किया था होस्ट

आज के दिन ही रूस ने भूत और भविष्य में कभी नहीं होने वाला एक फैसला लिया था, जब उसने ओलंपिक खेलों में शामिल होने से मना कर दिया. क्योंकि यह आयोजन अमेरिका में हो रहा था.

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अमेरिका के लॉस एंजिल्स में हुए ओलंपिक का रूस ने किया था बहिष्कार (Photo - Pexels) अमेरिका के लॉस एंजिल्स में हुए ओलंपिक का रूस ने किया था बहिष्कार (Photo - Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 08 मई 2026,
  • अपडेटेड 5:11 PM IST

8 मई 1984 को सोवियत रूस ने अमेरिका में हो रहे ओलंपिक का बहिष्कार कर दिया था. विरोध प्रदर्शनों और संभावित शारीरिक हमलों से अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा को खतरे में बताते हुए, सोवियत संघ ने लॉस एंजिल्स में आयोजित 1984 के ओलंपिक खेलों में भाग न लेने की घोषणा की. सोवियत संघ के इस बयान के बावजूद, यह स्पष्ट था कि यह बहिष्कार संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा 1980 में मॉस्को में आयोजित खेलों के बहिष्कार के फैसले की प्रतिक्रिया थी.

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लॉस एंजिल्स में 1984 के ओलंपिक खेलों के शुरू होने से कुछ ही महीने पहले, सोवियत सरकार ने एक बयान जारी कर दावा किया कि मौजूदा ओलंपिक खेलों की तैयारियों के पहले दिन से ही यह मालूम है कि अमेरिकी प्रशासन खेलों का इस्तेमाल अपने राजनीतिक उद्देश्यों के लिए करना चाहता है. इस देश में राष्ट्रवादी भावनाएं और सोवियत-विरोधी उन्माद भड़काया जा रहा है.

 रूसी अधिकारियों ने आगे दावा किया कि लॉस एंजिल्स में सोवियत खिलाड़ियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन होने की संभावना है और उन्हें संदेह है कि अमेरिकी अधिकारी ऐसे विरोध प्रदर्शनों को रोकने का प्रयास नहीं करेंगे. राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के प्रशासन ने इन आरोपों का जवाब देते हुए घोषणा की कि सोवियत बहिष्कार एक स्पष्ट राजनीतिक निर्णय था जिसका कोई वास्तविक औचित्य नहीं था.

अमेरिका ने भी चार साल पहले किया था कुछ ऐसा ही
सोवियत संघ की घोषणा के बाद, 13 अन्य कम्युनिस्ट देशों ने भी इसी तरह के बयान जारी किए और खेलों में भाग लेने से इनकार कर दिया. 1979 में अफगानिस्तान में रूसी हस्तक्षेप के कारण अमेरिका द्वारा 1980 में मॉस्को में आयोजित खेलों में भाग लेने से इनकार करने से आहत सोवियत संघ ने 1984 में अमेरिका में हो रहे ओलंपिक का भविष्कार किया था. 

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 रूस की इस कार्रवाई का कूटनीतिक प्रभाव बहुत कम रहा. हालांकि, खेलों पर इसका प्रभाव बहुत व्यापक था. सोवियत संघ, पूर्वी जर्मनी और अन्य कम्युनिस्ट देशों के ओलंपिक में न होने के कारण, संयुक्त राज्य अमेरिका ने ओलंपिक में रिकॉर्ड 83 स्वर्ण पदक जीते.

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