स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है और ईरान की जंग भी अब इस पर केंद्रित हो गई है. दरअसल, इस रास्ते से होने वाली पेट्रोलियम सप्लाई प्रभावित होने के बाद इसे लेकर काफी विवाद हो रहा है. जब आजतक ने इस रास्ते के बारे में यहां से गुजरने वाले शिप क्रू से बात की थी तो उन्होंने बताया था कि वो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जाते वक्त एक द्वीप से दूर रहते हैं, जिसे अबू मूसा द्वीप कहते हैं. उन्होंने बताया था कि ये द्वीप फारस की खाड़ी में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एंटर करते वक्त आता है. ऐसे में सवाल है कि आखिर इस द्वीप पर ऐसा क्या है कि शिप इससे दूर रहते हैं और इस द्वीप को क्यों खतरनाक माना जाता है...
क्या है अबू मूसा द्वीप की कहानी?
ये फारस की खाड़ी का सबसे संवेदनशील इलाका माना जाता है. ये एरिया सिर्फ 12 किलोमीटर वर्ग किलोमीटर में ही है. इस द्वीप पर अस्तित्व की लंबी कहानी है और कई देश इस अधिकार जमाने को कोशिश कर चुके हैं. यह द्वीप फिलहाल ईरान के नियंत्रण में है, लेकिन यूएई भी इस पर दावा करता है और इतना विवादित है कि शिप क्रू इसके पास से गुजरता नहीं है. अगर इसकी लोकेशन की बात करें तो ये ईरान से करीब 68 किलोमीटर दक्षिण में और यूएई से करीब 64 किलोमीटर पूर्व में स्थित है.
ये द्वीप है किसका?
ईरान का कहना है कि यह क्षेत्र Parthian Empire और बाद में Sasanian Empire के समय से उसके प्रभाव में रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, 19वीं सदी तक इस द्वीप पर यूएई तट पर रहने वाले शेखों का इस पर राज था. लेकिन, जब यूएई बना तो इस देश पर ब्रिटेन का नियंत्रण हो गया. इसकी वजह ये है कि इस तरफ ब्रिटिश का प्रभाव था और इस तरह के अमीरात ब्रिटेन के अधीन थे. इसके बाद 1960 के दशक के आखिरी में ब्रिटेन ने इसका प्रशासन शारजाह को सौंप दिया, जो आज यूएई का एक अमीरात है.
फिर 1971 में ईरान की एंट्री हुई. इस साल (30 नवंबर 1971) ईरान की नौसेना ने अबू मूसा आईलैंड के साथ Greater Tunb और Lesser Tunb पर अपना कब्जा कर लिया. फिर ये मामला अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बन गया. इस मुद्दे को ईराक, लिबिया, अल्गेरिया और यमन ने इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाया. लेकिन, इस पर कुछ कोई फैसला नहीं हुआ. फिर ईरान और शारजाह ने एक समझौता किया, जिसमें उत्तरी और दक्षिणी हिस्से को आपस में बांट लिया. लेकिन, कुछ साल बाद ईरान और यूएई में आय आदि को लेकर फिर विवाद हुआ और अभी भी विवाद जारी है.
क्यों अहम है ये द्वीप?
अबू मूसा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के एंट्री गेट पर है. दुनिया के समुद्री रास्ते से जाने वाले लगभग एक तिहाई तेल इसी रास्ते से गुजरता है. समुद्र की गहराई के कारण बड़े तेल टैंकरों और जहाजों को अक्सर अबू मूसा और टुंब द्वीपों के बीच से होकर गुजरना पड़ता है,लेकिन फिर भी शिप चालक इससे बचते हैं.
क्यों खतरनाक है?
इस द्वीप को इसलिए खतरनाक माना जाता है, क्योंकि यहां ईरान की सैन्य प्रेक्टिस चलती रहती है. यहां मिसाइल सिस्टम, रडार और नेवल पेट्रोल तैनात रहते हैं. ऐसे में कई व्यापारी जहाज अनावश्यक जांच या पूछताछ से बचने के लिए दूरी बनाकर चलते हैं. विवादित इलाका होने की वजह से भी कोई भी शिप मालिक इधर से गुजरने से बचता है और पास के रूट से जहाज को पार करता है. पहले भी कुछ ऐसी घटनाएं हुई हैं, जब ईरान की ओर से कुछ जहाज को रोका भी गया है. इस वजह से विवाद से बचने के लिए इस रूट से बचा जाता है.
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