5 राज्यों में काउंटिंग जारी, इन वोटों की नहीं हो रही गिनती!

चुनाव में हर वोट जरूरी होता है, लेकिन कुछ वोट गिने नहीं जाते. जैसे टेंडर्ड वोट, जब किसी और ने आपके नाम पर वोट डाल दिया हो, गलत तरीके से डाले गए वोट और गलत भरे गए पोस्टल बैलेट. इसके अलावा, अगर किसी बूथ पर गड़बड़ी हो जाए तो वहां के वोट भी रद्द हो सकते हैं.

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ये नियम इसलिए होते हैं ताकि चुनाव साफ और सही तरीके से हो सके. ( Photo: ANI) ये नियम इसलिए होते हैं ताकि चुनाव साफ और सही तरीके से हो सके. ( Photo: ANI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:35 AM IST

आज देश के कई राज्यों में चुनाव नतीजों के लिए वोटों की गिनती जारी है और हर सीट पर कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है. मतगणना केंद्रों पर सुबह से ही हलचल तेज है, जहां अलग-अलग राजनीतिक दलों के उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. कई जगहों पर सत्ताधारी और विपक्षी दलों के बीच सीधी भिड़ंत है, तो कहीं क्षेत्रीय पार्टियां भी मजबूत चुनौती पेश कर रही हैं. ऐसे माहौल में हर वोट की अहमियत और भी बढ़ जाती है, क्योंकि थोड़े से अंतर से ही जीत-हार तय होती है. चुनाव में हर वोट की कीमत होती है, लेकिन कुछ स्थितियों में ऐसे वोट भी होते हैं जिन्हें गिनती में शामिल नहीं किया जाता. यह नियम इसलिए बनाए गए हैं ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहे. आइए जानते हैं कि किन-किन वोटों की गिनती नहीं होती. 

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सबसे पहले बात करते हैं टेंडर्ड वोट की. यह तब होता है जब कोई मतदाता वोट डालने बूथ पर पहुंचता है, लेकिन उसे पता चलता है कि उसके नाम पर पहले ही कोई और वोट डाल चुका है. यानी किसी ने उसका वोट 'चोरी' कर लिया.  ऐसे में, अगर वह अपनी पहचान सही साबित कर देता है, तो उसे एक अलग बैलेट पेपर दिया जाता है, जिस पर वह अपना वोट डाल सकता है. इस वोट को अलग से सील करके रख दिया जाता है और इसे सामान्य वोटों के साथ नहीं गिना जाता.  जब चुनाव परिणाम बहुत करीबी हो और इन वोटों से नतीजे पर असर पड़ सकता हो, अदालत के आदेश पर इन्हें गिना जा सकता है. इसलिए आमतौर पर टेंडर्ड वोट गिनती में शामिल नहीं होते.

छोटी गलती से वोट हो सकता है रद्द
दूसरा प्रकार है अमान्य वोट. अगर कोई मतदाता वोट डालते समय गलती कर देता है, जैसे बैलेट पेपर पर एक से ज्यादा उम्मीदवारों को चुन लेना, सही जगह निशान न लगाना या ऐसा निशान बनाना जिससे यह साफ न हो कि वोट किसे दिया गया है, तो वह वोट अमान्य हो जाता है. ऐसे वोट सीधे रद्द कर दिए जाते हैं और उनकी गिनती नहीं होती.

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पोस्टल बैलेट में गलती पड़ सकती है भारी
तीसरा, पोस्टल बैलेट की गलतियां भी वोट को अमान्य बना सकती हैं. पोस्टल बैलेट में कुछ जरूरी नियम होते हैं, जैसे सही तरीके से फॉर्म भरना, हस्ताक्षर करना और समय पर जमा करना. अगर इनमें से कोई भी शर्त पूरी नहीं होती, तो उस वोट को स्वीकार नहीं किया जाता और गिनती से बाहर कर दिया जाता है.

नियम तोड़ने पर वोट नहीं गिना जाता
चौथा, अगर किसी मतदान केंद्र पर गड़बड़ी, हिंसा या तकनीकी खराबी पाई जाती है, तो चुनाव आयोग उस बूथ का मतदान रद्द कर सकता है. ऐसे में वहां डाले गए सभी वोट गिनती में शामिल नहीं किए जाते और कई बार दोबारा मतदान कराया जाता है. इसके अलावा, अगर कोई व्यक्ति फर्जी पहचान या नियमों के खिलाफ वोट डालता है, तो उसका वोट भी रद्द किया जा सकता है. चुनाव आयोग इस तरह की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखता है ताकि गलत तरीके से डाले गए वोटों को रोका जा सके.
 

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