धरती के नीचे छिपा है सोने का महासागर! इस शहर को कहते हैं 'गोल्ड कैपिटल'

क्या आप दुनिया के उस शहर के बारे में जानते हैं जिसे ‘गोल्ड कैपिटल’ कहा जाता है? आइए आपको उस शहर के बारे में बताते हैं, जो पृथ्वी के सबसे समृद्ध सोना भंडारों में से एक के ऊपर बसा हुआ है।

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दुनिया की ऐसी जगह जिसे सोने का महासागर कहते हैं: (Photo:Pexel) दुनिया की ऐसी जगह जिसे सोने का महासागर कहते हैं: (Photo:Pexel)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 5:19 PM IST

सोना सदियों से दुनिया की सबसे कीमती धातुओं में से एक रहा है. इस धातु ने कई देशों की अर्थव्यवस्था, शहरों और यहां तक कि साम्राज्यों को भी आकार दिया है. ऐसे में दुनिया में एक ऐसी जगह भी है जिसे 'गोल्ड कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड' कहा जाता है.

यह शहर है जोहान्सबर्ग, जो साउथ अफ्रीका में स्थित है. यहां की खदानों से अब तक दुनिया के इतिहास में निकले कुल सोने का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा निकाला जा चुका है.

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सोने की खोज से शुरू हुआ गोल्ड रश

साल 1886 में एक खोजी जॉर्ज हैरिसन ने लैंगलगाटे फार्म इलाके में सोने की एक समृद्ध परत खोजी.इस खोज के बाद यहां भारी गोल्ड रश शुरू हो गया. हजारों लोग सोने की तलाश में इस इलाके में आने लगे. कुछ ही वर्षों में यहां सड़कें, रेल लाइनें और नए शहर बसने लगे.1890 के दशक तक जोहान्सबर्ग तेजी से बढ़कर साउथ अफ्रीका का सबसे बड़ा शहर बन गया.

विटवॉटर्सरैंड बेसिन में छिपा है दुनिया का सबसे बड़ा खजाना

जोहान्सबर्ग के नीचे विटवॉटर्सरैंड बेसिन स्थित है, जिसे पृथ्वी के सबसे समृद्ध सोना भंडारों में से एक माना जाता है.वैज्ञानिकों के अनुसार यह क्षेत्र लगभग 2.7 से 2.9 अरब साल पहले बना था. उस समय प्राचीन नदियों के तलछट में सोना जमा हो गया और समय के साथ ये परतें कठोर चट्टानों में बदल गईं.इसी वजह से यहां की खदानों से इतिहास में निकले कुल सोने का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त हुआ.

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दुनिया की सबसे गहरी खदानें भी यहीं

जोहान्सबर्ग के आसपास की कई खदानें दुनिया की सबसे गहरी खदानों में शामिल हैं. इनमें से एक है मपोनेन्ग माइन.यह खदान जमीन से करीब 4 किलोमीटर नीचे तक जाती है. इतनी गहराई में तापमान लगभग 60 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. इसलिए यहां काम करने के लिए खास कूलिंग सिस्टम और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है.

करोड़ों साल तक सोना सुरक्षित कैसे रहा

भूवैज्ञानिकों के अनुसार एक प्राचीन उल्कापिंड के टकराव ने इस क्षेत्र को खास आकार दिया था. माना जाता है कि इस घटना ने सोने के भंडारों को कटाव से बचाकर लाखों-करोड़ों साल तक सुरक्षित रखा.आज भी अनुमान है कि दुनिया के बचे हुए सोने का बड़ा हिस्सा अभी भी विटवॉटर्सरैंड बेसिन की गहराई में मौजूद हो सकता है.

आज भी बड़ा आर्थिक केंद्र

हालांकि कई पुरानी खदानें अब बंद हो चुकी हैं, लेकिन जोहान्सबर्ग आज भी एक बड़ा आर्थिक केंद्र है. यहां स्थित जोहान्सबर्ग स्टॉक एक्सचेंज अफ्रीका के सबसे बड़े शेयर बाजारों में से एक है.सोने की खोज से शुरू हुआ यह शहर आज भी खनन और वित्तीय दुनिया में खास पहचान रखता है.

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