कौन हैं वो शख्स, जिन्हें एक कंपनी ने निकाला, दूसरे दिन ही मिला था 493 करोड़ का ऑफर!

विस राघवन ने जेपी मॉर्गन चेस से नौकरी जाने का इशारा मिलते ही उन्होंने देर नहीं की. उन्होंने तुरंत सीटीग्रुप के बड़े अधिकारियों से बात शुरू की और सिर्फ दो दिन में करीब ₹493 करोड़ के पैकेज के साथ नई नौकरी हासिल कर ली.

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विस राघवन एक ऐसे अनुभवी बैंकिंग लीडर हैं, जिन्होंने दुनिया भर में बड़े स्तर पर काम किया है. ( Photo: citigroup.com) विस राघवन एक ऐसे अनुभवी बैंकिंग लीडर हैं, जिन्होंने दुनिया भर में बड़े स्तर पर काम किया है. ( Photo: citigroup.com)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 01 मई 2026,
  • अपडेटेड 12:39 PM IST

सोशल मीडिया पर भारतीय मूल के एक बैंकर काफी चर्चा में हैं. उनके चर्चा में आने की वजह ये है कि उन्होंने सिर्फ 2 दिनों के अंदर 2024 में नौकरी बदल ली थी. यह कहानी एक ऐसे निवेश बैंकर की है, जिसकी जिंदगी सिर्फ दो दिनों में पूरी तरह बदल गई. आमतौर पर जब किसी की नौकरी जाती है, तो वह एक बड़ा झटका होता है. लेकिन यहां मामला थोड़ा अलग था. फरवरी 2024 में, निवेश बैंकर विस राघवन को जेपी मॉर्गन चेस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि अब कंपनी में उनका भविष्य ज्यादा लंबा नहीं है. यह बात एक तरह से साफ संकेत था कि उन्हें आगे बढ़ने की जरूरत है. किसी भी प्रोफेशनल के लिए यह पल मुश्किल होता है, क्योंकि अचानक करियर को लेकर अनिश्चितता बढ़ जाती है. लेकिन इसके बाद जो हुआ, वह बिल्कुल असामान्य था.

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वीकेंड में पलटी किस्मत
सिर्फ दो दिनों के अंदर, यानी उसी वीकेंड में, राघवन ने अपनी किस्मत बदल दी. शुक्रवार को उन्हें नौकरी छोड़ने का संकेत मिला. सिर्फ 2–3 दिनों के अंदर ही सब कुछ बदल गया. राघवन ने तुरंत नई नौकरी की तलाश शुरू की और सीधे सीटी ग्रुप के टॉप अधिकारियों और बोर्ड से बातचीत की. आमतौर पर इतनी बड़ी पोस्ट के लिए लंबी भर्ती प्रक्रिया होती है, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ. रविवार तक उनकी डील लगभग तय हो गई और सोमवार को आधिकारिक घोषणा कर दी गई. सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि उन्हें करीब 52 मिलियन डॉलर (करीब ₹493 करोड़) का पैकेज दिया गया.

रविवार तक डील फाइनल, सोमवार को ऐलान
हालांकि, इस पूरी कहानी का एक दूसरा पहलू भी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, राघवन पर पहले से कुछ गंभीर आरोप लगे थे. उनके बारे में कहा गया कि वह अपने साथ काम करने वाले लोगों के साथ सख्त व्यवहार करते थे. कई बार उनके खिलाफ शिकायतें भी हुईं और कंपनी ने उनके व्यवहार को लेकर जांच भी की थी. यहां तक कि एक समय पर उनकी सैलरी भी कम कर दी गई थी. फिर भी सीटीग्रुप ने उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी और मोटा पैकेज दिया. बैंक का कहना है कि उन्होंने पूरी जांच के बाद ही यह फैसला लिया और राघवन को एक मजबूत और रिजल्ट देने वाला लीडर माना. आज के समय में राघवन सिटीग्रुप में एक बहुत अहम पद पर काम कर रहे हैं और उन्हें कंपनी के भविष्य के बड़े नेताओं में भी गिना जा रहा है.

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₹493 करोड़ का मिला पैकेज
यह पूरा घटनाक्रम इतनी तेजी से हुआ कि यह वॉल स्ट्रीट की सबसे चर्चित कहानियों में शामिल हो गया. आमतौर पर इतनी बड़ी पोस्ट के लिए लंबी चयन प्रक्रिया होती है, जिसमें कई इंटरव्यू और मीटिंग होती हैं. लेकिन राघवन ने इस पारंपरिक प्रक्रिया को लगभग नजरअंदाज कर दिया. दरअसल, सिटीग्रुप पहले से ही निवेश बैंकिंग के प्रमुख की तलाश कर रहा था और इसके लिए एक सर्च फर्म भी नियुक्त की गई थी. लेकिन राघवन ने सीधे कंपनी के टॉप लीडरशिप और बोर्ड से बातचीत शुरू कर दी. उनकी बातचीत इतनी तेजी से आगे बढ़ी कि कुछ ही समय में डील फाइनल हो गई.

हालांकि, जेपी मॉर्गन से उनका जाना अचानक नहीं था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके व्यवहार को लेकर पहले भी कुछ बातें सामने आई थीं. यहां तक कि एक समय पर उनकी सैलरी भी कम कर दी गई थी. उनके साथ काम करने वाले लोगों की राय भी अलग-अलग थी. कुछ उन्हें बेहतरीन लीडर मानते थे, तो कुछ उनकी कार्यशैली को कठिन बताते थे. इसके बावजूद, सिटीग्रुप में उनका प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है. उन्होंने नई टीमों की भर्ती की और बैंक के निवेश बैंकिंग बिजनेस को आगे बढ़ाने में मदद की. पिछले कुछ समय में उनके काम की काफी सराहना भी हुई है, और उन्हें कंपनी के भविष्य के बड़े नेताओं में भी गिना जा रहा है.

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कौन है विस राघवन?
विस राघवन इस समय सिटी ग्रुप में हेड ऑफ बैंकिंग और एग्जीक्यूटिव वाइस चेयर के पद पर काम कर रहे हैं. वे कंपनी की कॉरपोरेट, कमर्शियल और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग जैसी बड़ी गतिविधियों को संभालते हैं. साथ ही, वे सिटी के वैश्विक नेटवर्क के साथ मिलकर लगभग 100 देशों में ग्राहकों तक सेवाएं पहुंचाने में अहम भूमिका निभाते हैं. एग्जीक्यूटिव वाइस चेयर के तौर पर वे कंपनी की रणनीति बनाने और उसे लागू करने में भी शामिल हैं. वे कंपनी की टॉप मैनेजमेंट टीम का हिस्सा हैं और सिटी फाउंडेशन के बोर्ड में भी शामिल हैं.

सिटी में आने से पहले, विस राघवन ने जेपी मॉर्गन में लंबे समय तक काम किया. वहां वे ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंकिंग के हेड थे और 2020 से ग्लोबल इन्वेस्टमेंट और कॉरपोरेट बैंकिंग के को-हेड भी रहे. इसके अलावा, 2017 से वे यूरोप, मध्य पूर्व और अफ्रीका क्षेत्र में जेपी मॉर्गन के सीईओ भी थे. उन्होंने साल 2000 में जेपी मॉर्गन जॉइन किया था और वहां डेब्ट और इक्विटी कैपिटल मार्केट्स में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया. उनका बचपन भारत में बीता.

उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ बॉम्बे से फिजिक्स में बीएससी की डिग्री हासिल की और इसके बाद यूके की एस्टन यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस में पढ़ाई की. साल 2016 में इसी यूनिवर्सिटी में उन्हें डॉक्टरेट की डिग्री भी मिली. इसके अलावा, वे इंस्टिट्यूट ऑफ चार्ट़्ड अकाउंटेंट्सइन इंग्लैंड एंड वेल्स से चार्टर्ड अकाउंटेंट भी हैं. कुल मिलाकर, विस राघवन एक ऐसे अनुभवी बैंकिंग लीडर हैं जिन्होंने दुनिया भर में बड़े स्तर पर काम किया है और आज सिटीग्रुप की रणनीति और बिजनेस को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं.

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