संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 का परिणाम जारी हो गया है. इस बार की टॉप रैंक सूची में एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिला है. दरअसल, टॉप रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों में 39 ऐसे उम्मीदवार हैं, जो पिछले सालों में भी UPSC की फाइनल लिस्ट में शामिल रह चुके हैं. ये 39 उम्मीदवार वो हैं, जिनकी रैंक 130 से कम है यानी उनके आईएएस बनने का रास्ता करीब साफ है. इससे साफ हो गया है कि इस बार जितने भी आईएएस बनेंगे, उसमें से 39 तो रैंक सुधार के जरिए यहां पहुंचे हैं.
सोशल मीडिया पर भी अब इस ट्रेंड को लेकर कई प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. साथ ही नए नियमों की भी चर्चा हो रही है, जिसमें बार-बार परीक्षा देने के सिस्टम पर प्रतिबंध लगाया गया है. लोगों का कहना है कि UPSC के नए नियमों के बाद ऐसी स्थिति शायद कम देखने को मिले. नए नियम के मुताबिक, अगर कोई उम्मीदवार पहले से सिविल सेवा में शामिल होकर IAS सेवा पा चुका है, तो वह दोबारा परीक्षा देकर रैंक सुधारने के लिए नहीं बैठ सकेगा. इसके साथ ही लोग सीट का नुकसान होने की बात इसमें जोड़ रहे हैं.
इस बार कितने नाम?
जैसे इस बार तीसरी रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवार अकांक्ष धुल का नाम पिछले 2 साल की लिस्ट में भी है. इस बार उन्हें तीसरी रैंक, 2024 के रिजल्ट में 295 और 2023 की लिस्ट में 342वीं रैंक मिली थी. इनके अलावा इशान आस्था जैन, जीनश्री जसवंत चंद्र, विनीत लोहिदक्षन ऐसे उम्मीदवार हैं, जिनका नाम पिछले साल में था. इसके अलावा कई 35 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनका नाम 2023 और 2024 के किसी एक रिजल्ट में है. इनके अलावा राहुल कुमार और अभिषेक सिंह जैसे कई नाम रिपीट है, लेकिन उनकी एक ही शख्स होने की पुष्टि नहीं की जा सकती.
क्या है ट्रेंड?
दरअसल, कई उम्मीदवार ऐसे होते हैं, जिन्हें पहली बार चयन में IPS, IRS या अन्य ग्रुप-ए सेवाओं में मौका मिल जाता है. लेकिन वे संतुष्ट नहीं होते है और अगले प्रयास में फिर से परीक्षा देकर बेहतर रैंक हासिल करने की कोशिश करते हैं ताकि उन्हें IAS मिल सके. इसी प्रक्रिया को आम तौर पर ‘रैंक इम्प्रूवमेंट अटेम्प्ट’ कहा जाता है.
UPSC CSE 2025 के नतीजों में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, करीब 39 उम्मीदवार ऐसे हैं जो 2023 या 2024 की फाइनल लिस्ट में भी शामिल रह चुके थे. इन अभ्यर्थियों ने दोबारा परीक्षा देकर अपनी रैंक बेहतर की है और अब वे IAS के लिए मजबूत दावेदार बन गए हैं.
aajtak.in