ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जंग से सिर्फ तेल और गैस का संकट ही नहीं बढ़ा है. इस जंग से हमारी रोजमर्रा की जरूरतों के समान पर भी संकट मंडराने लगा है. क्योंकि, हम हर दिन, हर वक्त कोई न कोई ऐसी चीज का इस्तेमाल करते रहते हैं, जो पेट्रो केमिकल्स या पेट्रोलियम मैटेलियल से बना होता है. ऐसे में जानते हैं कि पेट्रोलियम बेस्ड उन छोटी-छोटी चीजों के बारे में, जिनका हम हर रोज इस्तेमाल करते हैं.
हम हर जो रोज जिस बोतल से पानी पीते हैं, उसकी प्लास्टिक या फिर जिस गाड़ी से चलते हैं, उसके टायर की रबड़ या जो लोशन चेहरे और शरीर पर लगाते हैं, उसमें मिला केमिकल कहां से आता है. ये सब पेट्रो केमिकल उत्पाद हैं और मिडिल ईस्ट की जंग से सिर्फ गैस और तेल ही नहीं, पेट्रोलियम से बनने वाले इन छोटे-छोटे प्रोडक्ट्स पर भी संकट गहरा रहा है.
हमारी सुबह की शुरुआत ही पेट्रोकेमिकल से बने टूथपेस्ट ट्यूब से होती है. इसके बाद बाथरूम में मौजूद शैम्पू , शैम्पू की बोतलें, साबुन, लोशन, बॉडी वॉश और सिंथेटिक कपड़ों की बारी आती है. पेट्रोलियम का मतलब सिर्फ पेट्रोल, डीजल और गैस नहीं होता है. इससे और भी कई तरह की चीजें निकलती है, जो हमारी कई छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करती है.
1. प्लास्टिक और पैकेजिंग मैटेरियल
पानी की बोतलें
फूड कंटेनर, टिफिन बॉक्स
पॉलिथीन बैग, रैपर
मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामान की पैकेजिंग
नोट - इन सबमें ज्यादातर प्लास्टिक, पॉलिथीन और पॉलीप्रोपेलीन पेट्रोकेमिकल से बनते हैं.
2. कपड़े और टेक्सटाइल
पॉलिएस्टर
नायलॉन
स्पोर्ट्स वियर क्लोथिंग मैटेरियल
कारपेट और परदे
नोट- ये सभी सिंथेटिक कपड़े हैं और पूरी तरह पेट्रोकेमिकल बेस्ड हैं.
3. पर्सनल केयर और कॉस्मेटिक्स
साबुन, शैम्पू
क्रीम, लोशन
टूथपेस्ट
परफ्यूम
नोट - इन प्रोडक्ट्स को बनाने में ग्लीशरीन और दूसरे पेट्रो केमिकल्स यूज होते हैं.
4. घरेलू सामान
डिटर्जेंट और क्लीनिंग लिक्विड
प्लास्टिक फर्नीचर
किचन के कुछ नॉन स्टीक बर्तन
फोम, मैट्रेस और कुशन
5. ऑटोमोबाइल और ट्रांसपोर्ट
टायर (Synthetic rubber)
कार के डैशबोर्ड, सीट कवर
लुब्रिकेंट (Engine oil)
पेंट और कोटिंग
नोट - इन उत्पादों का निर्माण विशुद्ध पेट्रो केमिकल्स से होता है.
6. इलेक्ट्रॉनिक्स
मोबाइल फोन के पार्ट्स
लैपटॉप/टीवी का बॉडी
वायर और केबल (इंसुलेशन)
7. दवाइयां और मेडिकल प्रोडक्ट
कई दवाओं के केमिकल कंपोनेंट
सिरिंज, बैग
मेडिकल प्लास्टिक उपकरण
8. कंस्ट्रक्शन मैटेलियल
PVC पाइप
पेंट और वार्निश
इन्सुलेशन मटेरियल
फ्लोरिंग विनायल
9. खिलौने और स्पोर्ट्स मैटेलियल
प्लास्टिक टॉय
फुटबॉल, हेलमेट
जिम इक्विपमेंट
10. फूड पैकेजिंग मैटेलियल
फूड पैकेजिंग फिल्म
बोतलें और कैन
फूड स्टोरेज कंटेनर
कच्चे तेल और गैस को रिफाइन करने के दौरान अलग-अलग स्टेज पर उससे अलग-अलग कैमिकल निकलते हैं और उनका इस्तेमाल कई तरह की जरूरी चीजों को बनाने में होता है. कच्चे तेल और गैस का शोधन या डिस्टिलेशन के अलग-अलग चरणों में होता है और हर स्टेज में अलग-अलग पेट्रो केमिकल्स या हाईड्रोकार्बन प्राप्त होते हैं.
पहले चरण में ही इससे एथेन, मीथेन, प्रोपेन, ब्यूटेन जैसे गैस निकलते हैं. इनमें से प्रोपेन और ब्यूटेन से एलपीजी, पीएनजी और अन्य गैस बनाए जाते हैं,जिनका इस्तेमाल किचन से लेकर ऑटोमोबाइल तक में होता है.
इसके साथ ही ब्यूटाडाइन, बेंजीन, टोल्यून, मेथनॉल, ग्लिसरीन जैसे तत्व निकलते हैं, जिससे प्लास्टिक, पेंट, रबर, फॉर्मास्यूटिकल उत्पाद, कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स, लोशन, क्रीम जैसी चीजें बनती हैं. आगे के स्टेज में एथिलीन, प्रोपिलीन, ब्यूटिलीन जैसे पदार्थ निकलते हैं, जिनसे प्लास्टिक, पॉलिथीन, रबड़ और ऐसे ही अन्य मैटेरियल बनाए जाते हैं.
शोधन प्रक्रिया जैसे-जैसे आगे बढ़ती जाती है - एक्रिलोनाइट्राइल और आइसोब्यूटिलीन जैसे पेट्रो केमिकल प्राप्त होते हैं, जिससे फोम, रेजिन, पेंट और कोटिंग्स जैसे मेटेलियल बनते हैं. इन हाईड्रोकार्बन का इस्तेमाल पैकेजिंग मैटेरियल, चिपकने वाले पदार्थ, विस्फोटक, गोंद, औद्योगिक रसायन, सिंथेटिक रबर, टायरों, साबुन और डिटर्जेंट, रंग, दवाई, क्लीनिंग मैटेरियल और कई तरह के मेडिकल उपकरणों बनाने में होता है. पेट्रोलियम को रिफाइन करने के दौरान ही अमोनिया और यूरिया जैसे उर्वरक बनाने वाले तत्व भी निकलते हैं.
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