ईरान और अमेरिका-इजरायल वॉर के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज चर्चा का विषय बना हुआ है. पूरी दुनिया की नजर इसी पर है. क्योंकि , समुद्र में इस संकरी गली से दुनिया भर में तेल की सप्लाई जाती है. इन दिनों युद्ध के हालात में वहां सैकड़ों जहाज फंसे हुए हैं, जिन पर कच्चे तेल और गैस के अलावा भी दूसरे देशों को जाने वाली आवश्यक माल लदे हैं.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में टॉरपीडो और मिसाइल के डर के साये में जहाज पर फंसे एक भारतीय मर्चेंट नेवी स्टाफ ने लल्लन टॉप को वहां के खौफनाक मंजर का हाल बताया. नाम न बताने की शर्त पर शख्स ने कहा कि शिपिंग कंपनियां रिस्क लेकर जहाजों को होर्मुज पार करने का दबाव बना रही है.
जहाज की बत्ती और सिग्नल ऑफ कर आगे बढ़ने की कोशिश
इस वजह से रात के अंधेरे में कई शिप्स अपनी बत्तियां बुझाकर और नेविगेशन डिवाइस को बंदकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्रॉस करने की कोशिश कर रहे हैं. इनमें से कुछ जहाज होर्मुज को क्रॉस कर चुके हैं, फिर भी वो आगे नहीं बढ़ पा रहे. क्योंकि इसमें एक पेच फंसा है. वहीं कई ऐसे जहाज हैं जो हालात ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं.
होर्मुज में भारत के झंडे वाले 28 जहाज फंसे हुए हैं. 24 होर्मुज के पश्चिमी इलाके में है और 4 पूरब की ओर. इन जहाजों पर कुल 778 इंडियन मर्चेंट नेवी के स्टाफ फंसे हुए हैं. वहीं विदेशी झंडे वाले जहाजों पर 78 भारतीय नाविक थे. इनमें से 3 की मौत हो चुकी है. एक लापता है और चार घायल हो चुके हैं.
होर्मुज में फंसे जहाज पर मौजूद एक इंडियन मर्चेंट नेवी स्टाफ ने बताया कि यहां फंसे जहाजों की कुछ कंपनियां रिस्क लेकर आगे बढ़ने का दबाव बना रही है. इसलिए कुछ शिप्स सिग्नल को ऑफ करके और जहाज की बत्तियां बुझाकर रात के अंधेरे में आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं.
इन्होंने बताया कि ये लोग सितंबर में भारत से निकले थे. अर्जेंटीन से होते हुए फरवरी के आखिरी हफ्ते में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरे. ईरान के कोस्ट गार्ड ने पूछा कहां से आ रहे हो और आपका फ्लैग क्या है. फ्लैग का मतलब जहाज किस देश में रजिस्टर्ड है. इसके बाद हमें आगे बढ़ने की अनुमति दे दी गई. हमलोग आगे अरब सागर तक पहुंच गए. जैसे ही हमारी शिप 28 फरवरी को अरब सागर पहुंची जंग शुरू हो गई और होर्मुज बंद हो गया.
रिलीवर के इंतजार में फंसे हैं होर्मुज क्रॉस कर चुके जहाज
अब ये जहाज अपने पीछे आने वाले दूसरे जहाज के इंतजार में हैं और वहीं रुके हुए हैं. उन्होंने बताया कि हमारी कंपनी बड़ी है और इस कंपनी के सैकड़ों जहाज हैं. ऐसे में कंपनी कोई रिस्क लेना नहीं चाहती और हालात सुधरने के इंतजार में हमारे दूसरे जहाज होर्मुज में फंसे हैं. क्योंकि, उन जहाजों पर हमारे जहाज के रिलीवर हैं. हमलोग रिलीवर का इंतजार कर रहे हैं. क्योंकि जब हमारे रिलीवर पहुंच जाएंगे तो इस शिप के स्टाफ की ड्यूटी खत्म हो जाएगी और फिर सभी अपने देश वापस चले जाएंगे. होर्मुज क्रॉस करके आगे बढ़ने वाले जहाज इसलिए रुके हुए हैं.
छोटी शिपिंग कंपनियां जहाजों पर बना रही दबाव
वहीं कुछ ऐसे जहाज भी हैं, जिनकी कंपनियां छोटी है और उनके पास गिनती के जहाज हैं. ऐसे में छोटी कंपनियां पैनिक हो रही हैं और यही अपने शिप्स पर होर्मुज क्रॉस करने का प्रेशर बना रही हैं. शख्स ने बताया इन छोटी कंपनियों के जहाज अपने AIS यानी ऑटोमेटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम बंद कर रात के अंधेरे में होर्मुज क्रॉस करने की कोशिश कर रहे हैं. ये आगे रास्ता नेविगेट करने के लिए परंपरागत कंपास और चार्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं.
अब होर्मुज में फंसे जहाज, होर्मुज क्रॉस कर बीच समुद्र में अपने रिलीवर का इंतजार कर रहे एंकर डालकर खड़े शिप्स और होर्मुज से पहले रास्ता क्लीयर होने की उम्मीद में रुके जहाज पर मौजूद लोगों का क्या हाल होगा समझा जा सकता है.
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जिस शख्स से बात हुई, उनकी शिपिंग कंपनी ने रिस्क नहीं लेने की बात कही है. वहीं डीजी शिपिंग और इंटरनेशनल ट्रेड वर्कर फेडरेशन ने जहाज पर मौजूद कर्मियों को निर्देश दिया है कि अगर कोई कंपनी होर्मुज क्रॉस करने का प्रेशर बनाए तो साफ इनकार कर दें.
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