इन देशों में पूरी कमाई आपकी, नहीं देना होता कोई भी टैक्स, देखें लिस्ट

जिन देशों में इनकम टैक्स नहीं लिया जाता, वहां सरकार तेल, खनिज, पर्यटन और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों से कमाई करती हैं. इसके अलावा बिजनेस रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस, वाहन रजिस्ट्रेशन, निवास परमिट और सेवाओं पर लगने वाली फीस से भी राजस्व जुटाया जाता है. यानी लोगों की आय पर टैक्स नहीं होता, लेकिन अन्य तरीकों से सरकार की आमदनी बनी रहती है.

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जिन देशों में लोगों से इनकम टैक्स नहीं लिया जाता, वहां सरकार के पास कमाई के दूसरे कई तरीके होते हैं. ( Photo: Pexels) जिन देशों में लोगों से इनकम टैक्स नहीं लिया जाता, वहां सरकार के पास कमाई के दूसरे कई तरीके होते हैं. ( Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 25 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 2:53 PM IST

दुनिया में आमतौर पर हर व्यक्ति को अपनी कमाई पर टैक्स देना पड़ता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ ऐसे देश भी हैं, जहां लोगों को अपनी आय पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता?  कई देश ऐसे हैं जहां इनकम टैक्स नहीं लगता, जैसे- दुबई, कतर, बहामास, मोनाको आदि. ये देश वैट, तेल-गैस, पर्यटन और अन्य शुल्कों के जरिए राजस्व कमाते हैं, जिससे उनकी अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहती है. लेकिन अब सवाल ये है कि अगर ये देश लोगों से आयकर नहीं लेते, तो सरकार चलती कैसे है? दरअसल, ये देश दूसरे तरीकों से पैसा कमाते हैं. जैसे- वैट (VAT), यानी सामान और सेवाओं पर लगने वाला टैक्स, एक्सपोर्ट-इंपोर्ट चार्ज, पर्यटन, तेल और गैस जैसे संसाधनों से होने वाली कमाई. इसी वजह से ये देश बिना टैक्स के भी अच्छी तरह काम कर पाते हैं.

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सैलरी पर भी नहीं लगता कोई टैक्स
दुबई और कतर में लोगों को अपनी सैलरी पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता. यही कारण है कि ये जगह काम करने वालों के लिए काफी आकर्षक मानी जाती है. हालांकि, यहां चीजें खरीदने पर वैट और अन्य टैक्स देना पड़ता है. दुबई में तेल कंपनियों पर भारी टैक्स लगाया जाता है, जिससे सरकार को अच्छी कमाई होती है.

कुवैत और ओमान भी शामिल
कुवैत में भी लोगों की कमाई पर कोई टैक्स नहीं लगता, लेकिन आयात पर कुछ शुल्क देना पड़ता है. ओमान में भी यही स्थिति है. यहां व्यक्तिगत आय, संपत्ति या निवेश पर टैक्स नहीं लिया जाता, लेकिन दूसरी सेवाओं पर शुल्क लगते हैं.

बहरीन में थोड़ी अलग व्यवस्था
बहरीन में पूरी तरह से आयकर माफ नहीं है. अगर कोई व्यक्ति एक निश्चित सीमा से ज्यादा कमाता है, तो उसे टैक्स देना पड़ता है. लेकिन कम कमाने वालों को छूट मिलती है. इसके साथ ही, तेल और गैस कंपनियों से सरकार अच्छी कमाई करती है.

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बहामास और मोनाको
बहामास में लोगों को आय, संपत्ति या गिफ्ट पर कोई टैक्स नहीं देना पड़ता, लेकिन सामान खरीदने पर वैट और अन्य शुल्क देना होता है. मोनाको में भी लोगों को इनकम पर टैक्स नहीं है, लेकिन कंपनियों पर कुछ टैक्स लगाया जाता है.

केमैन आइलैंड और बरमूडा
केमैन द्वीप समूह में न तो आयकर है, न ही कॉर्पोरेट टैक्स. वहीं बरमूडा में वेतन पर हल्का टैक्स, लेकिन आयकर नहीं है. इन देशों में इनकम टैक्स नहीं होने का मतलब यह नहीं है कि वहां कोई टैक्स ही नहीं है. सरकारें अलग-अलग तरीकों से पैसा कमाती हैं, जैसे व्यापार, पर्यटन, तेल और सेवाओं पर शुल्क. यही कारण है कि ये देश लोगों को आयकर से राहत देते हुए भी अपनी अर्थव्यवस्था मजबूत बनाए रखते हैं. इसलिए, अगर कोई व्यक्ति ऐसे देशों में काम करता है, तो उसकी सैलरी पर टैक्स नहीं लगता, लेकिन रोजमर्रा की चीजों पर कुछ न कुछ टैक्स जरूर देना पड़ता है.

ये देश बिना इनकम टैक्स के पैसे कैसे कमाते हैं? 
जिन देशों में लोगों से इनकम टैक्स नहीं लिया जाता, वहां सरकार के पास कमाई के दूसरे कई तरीके होते हैं. सबसे बड़ा जरिया होता है तेल और खनिज. कई देश जैसे खाड़ी के देश तेल बेचकर बहुत पैसा कमाते हैं. इसी से उनकी सरकार चलती है. इसके अलावा टूरिज्म भी बड़ी कमाई का जरिया है. जब लोग घूमने आते हैं, तो होटल, खाना, शॉपिंग और दूसरी चीजों पर खर्च करते हैं, जिससे सरकार को टैक्स और फीस मिलती है. रियल एस्टेट से भी अच्छी कमाई होती है. लोग घर, ऑफिस या जमीन खरीदते हैं, जिस पर सरकार अलग-अलग तरह की फीस लेती है.

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सरकार व्यापार और कंपनियों से भी पैसा कमाती हैं. जैसे-बिजनेस रजिस्ट्रेशन (कंपनी शुरू करने की फीस), लाइसेंस और परमिट फीस और सालाना ऑडिट और नियमों का पालन करने की फीस. इसके अलावा, आम लोगों से भी कुछ सेवाओं पर पैसा लिया जाता है, जैसे- वाहन रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस, निवास परमिट (वीजा/रहने की अनुमति), सड़क टोल (हाईवे इस्तेमाल करने की फीस). कुछ देशों में सामान और सेवाओं पर टैक्स (VAT) भी लगाया जाता है, यानी आप चीजें खरीदते समय टैक्स देते हैं, भले ही आपकी सैलरी पर टैक्स न लगे.

इन देशों में इनकम टैक्स नहीं होता, लेकिन सरकार दूसरे तरीकों से पैसा कमाती है. इसलिए वहां रहने वाले लोगों को सीधे सैलरी पर टैक्स नहीं देना पड़ता, लेकिन बाकी चीजों पर फीस और टैक्स जरूर देना होता है.

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