जब पहली बार अंतरिक्ष में पड़े इंसानी कदम, इस शख्स ने किया स्पेसवॉक

आज के दिन ही अंतरिक्ष में इतिहास रचा गया था. पहली बार किसी इंसान ने स्पेसक्राफ्ट से बाहर निकलकर बाहरी अंतरिक्ष में कदम रखा था.

Advertisement
आज के दिन ही पहली बार किसी इंसान ने अंतरिक्ष में स्पेस वॉक किया (Photo - Pixabay) आज के दिन ही पहली बार किसी इंसान ने अंतरिक्ष में स्पेस वॉक किया (Photo - Pixabay)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 6:47 AM IST

इतिहास में आज का दिन अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक अभूतपूर्व उपलब्धि के लिए जाना जाता है. जब पहली बार इंसानी कदम बाहरी अंतरिक्ष में पड़े थे. 18 मार्च 1965 को पहली बार किसी इंसान ने अंतरिक्षयान से बाहर कदम रखा था और आउटर स्पेस में चहलकदमी की थी.अंतरिक्ष में चहलकदमी करने वाले पहले व्यक्ति एलेक्सी लियोनोव थे. वे रूस के रहने वाले थे.

Advertisement

 इसके साथ ही, रूसी अंतरिक्ष यात्री एलेक्सी आर्किपोविच लियोनोव स्पेसवॉक  करने वाले पहले व्यक्ति बन गए. 8 मार्च 1965 को उन्होंने अपने स्पेसक्राफ्ट से बाहर निकलकर 10 मिनट तक आउटर स्पेस में चहलकदमी की थी. इससे पहले यूरी गागरिन नाम के अंतरिक्ष यात्री करीबन डेढ़ घंटे के लिए अंतरिक्ष में गए थे, लेकिन उन्होंने स्पेसक्राफ्ट से बाहर कदम नहीं निकाला था. 

इस घटना को  बाह्य अंतरिक्ष गतिविधि (ईवीए) के रूप में भी जाना जाता है. अंतरिक्ष में रहते हुए जब भी कोई अंतरिक्षयात्री किसी यान से बाहर निकलता है, तो उसे स्पेसवाक कहते हैं. स्पेसवाक को ईवीए भी कहा जाता है. ईवीए का पूरा नाम एक्स्ट्रावेहिकुलर एक्टिविटी है. 

18 मार्च 1965 को जब सोवियत अंतरिक्ष यात्री एलेक्सी लियोनोव अपने वोसखोद 2 कैप्सूल से बाहर निकले, और एक रस्सी से सुरक्षित रूप से जुड़े रहे. इसके बाद से ही स्पेसवॉक का सिलसिला शुरू हो गया. 

Advertisement

पहले स्पेसवॉक की खास बातें
पृथ्वी से 500 किलोमीटर ऊपर, लियोनोव अपने अंतरिक्ष यान 'वोसखोद 2' मिशन से बाहर निकले और 12 मिनट की स्पेसवाक की. वे 12 मिनट और नौ सेकंड तक अंतरिक्ष यान के बाहर रहे. लियोनोव उन 20 सोवियत वायु सेना के पायलटों में से एक थे जिन्हें 1960 में पहले अंतरिक्ष यात्री समूह का हिस्सा बनने के लिए चुना गया था.

यह भी पढ़ें: जब पहली बार किसी दूसरे ग्रह पर पहुंचा कोई स्पेसक्राफ्ट, वेनरा-3 की शुक्र पर हुई थी क्रैश लैंडिंग

अंतरिक्ष में उनकी चहलकदमी मूल रूप से वोस्तोक 1 मिशन पर होनी थी, लेकिन यह मिशन रद्द कर दिया गया. इसके बाद यह ऐतिहासिक घटना वोसखोद 2 उड़ान पर घटी. इस तरह पहले स्पेसवॉक का इतिहास बना.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement