क्रेडिट कार्ड का बिल न चुकाएं तो क्या होगा, क्या हो सकती है जेल? वकील से जानिए

अगर कोई क्रेडिट कार्ड का बिल ना चुकाए तो क्या उसे जेल भी हो सकती है? जानते हैं बिल ना चुकाने पर बैंक क्या क्या कदम उठा सकता है...

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क्रेडिट कार्ड का भुगतान ना करने पर बैंक 42 फीसदी ब्याज लगा सकता है. (Photo: Pexels) क्रेडिट कार्ड का भुगतान ना करने पर बैंक 42 फीसदी ब्याज लगा सकता है. (Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 13 अप्रैल 2026,
  • अपडेटेड 5:13 PM IST

आप ऐसे लोगों के जानते होंगे जो अपने क्रेडिट कार्ड के बिल से परेशान होंगे. हो सकता है कि आप भी उन लोगों में शामिल हो, जिन पर क्रेडिट कार्ड के बिल का भार है. कई बार ऐसा होता है कि लोग लंबे वक्त तक क्रेडिट कार्ड का बिल नहीं चुका पाते हैं और ब्याज इतना हो जाता है कि फिर बिल चुकाने में काफी मुश्किल होती है. लेकिन, क्या आप जानते हैं अगर क्रेडिट कार्ड बिल नहीं चुकाए तो क्या होगा और बैंक आपके खिलाफ क्या क्या एक्शन ले सकता है. तो वकील से समझते हैं कि क्रेडिट कार्ड का बिल ना चुकाने की स्थिति में क्या होता है और क्या कार्ड धारक को जेल भी हो सकती है?

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इस बारे में जब वकील से बात की तो उन्होंने बताया कि बिल ना चुकाने पर बैंक क्या क्या एक्शन ले सकता है. दिल्ली हाईकोर्ट के एडवोकेट प्रेम जोशी ने बताया कि जब आप बिल का भुगतान वनहीं करते हैं तो सबसे पहले बैंक उस पर इंस्ट्रेस्ट लगा सकता है और स्लैब के हिसाब से पैनल्टी लगा सकती है. बैंक की ओर से 42 फीसदी तक मैक्सिमम ब्याज वसूला जा सकता है. इसके बाद भी बिल का भुगतान ना होने पर बैंक ग्राहको को एनपीए डिक्लेयर कर सकता है. 

अक्सर देखने को मिलता है कि क्रेडिट कार्ड का भुगतान ना होने पर बैंक रिकवरी एजेंसी का सहारा लेती है और ग्राहकों से पैसा वसूलने की कोशिश करती है. इसके बाद पैसे ना आने पर बैंक कोर्ट में केस कर सकता है और बैंक के पास कई ऑप्शन होते हैं. बैंक क्रिमिनिल, सिविल आदि कई तरह से कोर्ट में केस कर सकता है. इसके बाद कोर्ट फैसला लेता है और कोर्ट के आदेश के बाद भी बिल का भुगतान ना किया जाए तो जेल भी हो सकती है. ये कोर्ट और केस के आधार पर फैसला लिया जाता है. लेकिन, क्रेडिट कार्ड का भुगतान ना करने पर जेल की सजा भी हो सकती है. 

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अगर किसी के लोन गारंटर बने तो क्या होगा?

अगर लोन लेने वाला व्यक्ति ईएमआई नहीं देता, तो बैंक गवाह से पैसे वसूलने का अधिकार रखता है. इस स्थिति में गारंटर पैसे देने के लिए उत्तरदायी होगा और जो बकाया अमाउंट है, वो गारंटर को देना होगा. इस बारे में जोशी बताते हैं कि ऐसा नहीं है कि अगर कोई किश्त नहीं देता है तो सीधे गारंटर से पैसा मांग लिया जाएगा. ऐसे में या तो लोन लेने वाले शख्स को कोर्ट में पेश करना होता है और अगर वो शख्स गायब हो जाता है तो उस स्थिति में पैसे देने पड़ सकते हैं.
 

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