गाय, ऊंट... बकरीद पर बवाल के बीच जानिए कहां, किस जानवर पर बैन

बकरीद पर कुर्बानी को लेकर काफी बवाल हो रहा है. ऐसे में जानते हैं कि आखिर किस राज्य में किन जानवरों पर प्रतिबंध लगाया गया है.

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बकरीद में जानवरों की कुर्बानी को लेकर विवाद हो रहा है. (Photo: Pexels) बकरीद में जानवरों की कुर्बानी को लेकर विवाद हो रहा है. (Photo: Pexels)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 मई 2026,
  • अपडेटेड 1:07 PM IST

बकरीद में कुर्बानी को लेकर काफी बवाल हो रहा है. उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली समेत कई राज्यों की सरकारों ने गाइडलाइन और एडवाइजरी जारी की है. खुले में कुर्बानी पर रोक है और गाय, ऊंट,बछड़े जैसे जानवरों की कुर्बानी देने की भी सख्त मनाही है. जानवरों को मारने को लेकर हर राज्य में अलग-अलग नियम हैं. ऐसे में जानते हैं कि आखिर किस राज्य में कौन-कौन से जानवरों पर प्रतिबंध है... 

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गाय-भैंस को लेकर क्या है नियम?

कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में गाय का वध करना पूरी तरह से प्रतिबंधित है. इनमें कई जगहों पर बैल और बछड़ों को भी नहीं मारा जा सकता है. लीगल क्लैरिटी के अनुसार, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, चंडीगढ़ राज्यों में गायों को मारने पर प्रतिबंध है.

उत्तर प्रदेश का कानून सबसे पुराने कानूनों में से एक माना जाता है, जो 1955 का है. यह राज्य में कहीं भी किसी भी व्यक्ति द्वारा गाय, बैल या बछड़े का वध करने या वध के लिए पेश करने पर प्रतिबंध लगाता है, और किसी भी अन्य कानून या स्थानीय रीति-रिवाज से ऊपर है. पंजाब में भी लगभग ऐसा ही कानून है, जो गाय के वध पर रोक लगाता है. लेकिन, उन मामलों को छोड़कर जब पशु चिकित्सक यह प्रमाणित करता है कि पशु पीड़ित है या उसे कोई संक्रामक रोग है. महाराष्ट्र में दूसरे राज्य से आया गोमांस अपराध की श्रेणी में नहीं आता है. 

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कई राज्यों में गाय और बछड़ों को मारने पर प्रतिबंध है, लेकिन भैंसों के वध की अनुमति है. इन कैटेगरी में बिहार, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और गोवा  जैसे राज्य आते हैं. हालांकि, केरल, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा और सिक्किम जैसे राज्यों में गायों पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है. हालांकि, सभी राज्यों में लाइसेंस प्राप्त जगहों पर ही जानवरों को काटने की इजाजत दी जाती है. 

ऊंट को लेकर क्या है नियम?

ऊंट को लेकर राजस्थान में सख्त नियम हैं. राजस्थान सरकार ने ऊंट को राज्य पशु घोषित किया था, और इसी वजह से इसे गाय की तरह सुरक्षा मिली. ऊंट की घटती आबादी को रोकने के लिए यह कानून लाया गया. ऐसे में राजस्थान में ऊंट काटने  पर बैन है. राजस्थान के टोंक में 150 साल से हो रही ऊंट की कुर्बानी पर भी कुछ साल पहले बैन लगा दिया गया था. 

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