'पॉलिथीन हटाओ' और 'खाना बचाओ' का नारा, शादी का कार्ड हुआ वायरल

आशीष नौटियाल देहरादून के मोहकमपुर रहने वाले हैं. उन्होंने शादी के कार्ड में अतिथियों को दो संदेश दिए हैं. पहला संदेश प्रकृति को लेकर है तो दूसरा सदेंश खाने को लेकर है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

दिलीप सिंह राठौड़

  • देहरादून,
  • 08 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 9:08 AM IST

  • शादी में मेहमानों को भोजन की बर्बादी रोकने का भी संदेश
  • पर्यावरण बचाव के लिए सभी मेहमानों को लेनी होगी प्रतिज्ञा

सोशल मीडिया में इन दिनों शादी का एक कार्ड खूब धूम मचा रहा है. अक्सर लोग शादी के कार्ड पर मंत्र लिखवाते हैं, शायरी लिखवाते हैं और शुभ संदेश भी लिखवाते हैं.  लेकिन शादी का यह कार्ड जरा अलग हटके है. शादी के इस अनोके कार्ड में पर्यावरण को बचाने और भोजन की बर्बादी रोकने का संदेश छपा है.

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दो संदेशों को लेकर लेनी होगी अतिथियों को प्रतिज्ञा

आशीष नौटियाल देहरादून के मोहकमपुर रहने वाले हैं. उन्होंने शादी के कार्ड में अतिथियों को दो संदेश दिए गए हैं. पहला संदेश प्रकृति को लेकर है. इसमें अतिथियों को संदेश दिया गया है कि 'हिमालय बचाओ, पॉलिथीन हटाओ'. इसमें अपील की गई है कि शादी में आने वाले सभी अतिथि प्रतिज्ञा लें कि हम दैनिक जीवन में प्लास्टिक का उपयोग नहीं करेंगे.

भोजन उतना ही लो थाली में, व्यर्थ न जाये नाली में

इसके अलावा कार्ड में दूसरा संदेश भोजन को लेकर है. कार्ड में लिखा है कि खाना व्यर्थ नहीं जाने देंगे. बताया जा रहा है कि शादी में शामिल होने वाले लोग यानी बाराती और घराती इसकी प्रतिज्ञा लेंगे.

पॉलिथीन हटाओ, हिमालय बचाओ का संदेश

आशीष नौटियाल ने कहा, 'उन्हें महसूस हुआ कि लोग शादियों व अन्य मौकों पर प्लास्टिक व पॉलिथीन का अत्याधिक उपयोग करते हैं. प्लास्टिक व पॉलिथीन हमारे लिए खतरनाक हैं. इससे हिमालय ही नहीं जीवन भी खतरे में हैं. यदि हमको का संरक्षण करना है और हिमालय को बचाना है तो प्लास्टिक व पॉलिथीन का उपयोग बंद करना होगा.'

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आगे उन्होंने कहा, 'शादी के कार्ड में वह यही संदेश देना चाहते हैं, इसलिए उन्होंने कार्ड में यह प्रतिज्ञा प्रकाशित करवाई है. भले ही यह छोटी सी बात हो लेकिन इसका संदेश दूर तक जा रहा है कि प्लास्टिक का प्रयोग रोकना हम सबकी जिम्मेदारी है.'

5000 लोगों तक जाएगा शादी के कार्ड से संदेश

शादी के कार्ड में दूसरा संदेश भोजन को लेकर है कि हम सबको अपने-अपने स्तर से प्रयास करने होंगे कि हम इसे व्यर्थ नहीं जाने देंगे. भोजन को व्यर्थ करना भी कहीं न कहीं उन लोगों के जीवन का उपहास करना है जिन्हें एक वक्त का भोजन भी नसीब नहीं होता है. आशीष नौटियाल ने बताया कि उन्होंने शादी में पांच सौ कार्ड छपवाएं हैं. उनके मुताबिक एक परिवार में 5 से 10 लोग रहते हैं इस तरह उन्होंने कहा कि इस छोटी सी कोशिश से 5 से 5000 लोगों तक यह संदेश जा सकता है. वहीं आशीष नौटियाल की शादी के कार्ड पर छपे इन संदेशों को लोगों की खूब सराहना मिल रही है.

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