दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का असर अब सीधे यात्रियों की जेब पर दिखने लगा है. रास्ता छोटा हुआ, समय बचा और अब बस का किराया भी कम हो गया. उत्तराखंड रोडवेज ने इसी का फायदा देते हुए वोल्वो, एसी और साधारण बसों के किराए घटा दिए हैं, जिससे रोज सफर करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है.
दरअसल, एक्सप्रेसवे खुलने के बाद दिल्ली से देहरादून का सफर पहले से तेज और आसान हो गया है. उत्तराखंड रोडवेज के सहायक महाप्रबंधक प्रतीक जैन ने आजतक से बातचीत में बताया कि 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया था. उसी दिन ट्रायल के तौर पर दोपहर 3 बजे देहरादून से एक वोल्वो बस रवाना की गई, जो शाम 6 बजे से पहले दिल्ली पहुंच गई. पहले जहां यह दूरी करीब 260 किलोमीटर थी, अब घटकर 216 किलोमीटर रह गई है.
किराया घटा, सफर हुआ आसान और सस्ता
यही वजह है कि रोडवेज ने किराए में कटौती का फैसला लिया. पहले वोल्वो बस का किराया 945 रुपये था, जिसे घटाकर 709 रुपये कर दिया गया है. एसी बस का किराया 704 रुपये से घटकर 557 रुपये हो गया है, जबकि साधारण बस में अब 420 की जगह 355 रुपये देने होंगे. साफ है कि एक्सप्रेसवे का सीधा फायदा यात्रियों को मिल रहा है और लोग इस फैसले से खुश भी हैं.
सिर्फ किराया ही नहीं, रोडवेज ने इस रूट पर सुविधाएं भी बढ़ाई हैं. फिलहाल 8 वोल्वो, 6 एसी और 2 साधारण बसें नॉन-स्टॉप चलाई जा रही हैं. अगर आगे यात्रियों की संख्या बढ़ती है, तो और बसें जोड़ने की तैयारी भी है.
इस एक्सप्रेसवे से सिर्फ यात्रियों को ही नहीं, बल्कि पूरे परिवहन सेक्टर को फायदा होगा. जो सफर पहले 7-8 घंटे में पूरा होता था, अब वही दूरी करीब 4 घंटे में तय हो सकेगी. इससे समय के साथ-साथ ईंधन की भी बचत होगी. हालांकि, टोल ज्यादा होने की वजह से ट्रांसपोर्टरों पर कुछ अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है. फिर भी कुल मिलाकर यह एक्सप्रेसवे सफर को तेज, आसान और पहले से ज्यादा किफायती बना रहा है.
अंकित शर्मा