यूपी: योगी सरकार ने कक्षा 9 से 12 तक योग किया अनिवार्य

शर्मा के मुताबिक थ्योरी की परीक्षा भी ली जाएगी, जिसमें योग से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे. शर्मा ने जोर देकर कहा, ‘इसे राजनीतिक कदम के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, इससे छात्रों को लाभ होने जा रहा है.

UP के उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा
सना जैदी/खुशदीप सहगल/नीलांशु शुक्ला
  • लखनऊ,
  • 13 जुलाई 2018,
  • अपडेटेड 7:34 PM IST

योगी आदित्यनाथ सरकार ने यूपी के सभी सरकारी स्कूलों में 9वीं कक्षा से लेकर 12वीं तक योग की शिक्षा अनिवार्य कर दी है. इसे शारीरिक शिक्षा का हिस्सा बनाया गया है.

इंडिया टुडे से बात करते हुए उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा, ‘योग को शारीरिक शिक्षा का हिस्सा बनाया गया है और इसी सत्र से इसे लागू किया जा रहा है. इससे छात्रों की शारीरिक और मानसिक मजबूती बढ़ाने में मदद मिलेगी. बेसिक शिक्षा के छात्र भी योग सीखना चाहते हैं तो उनका स्वागत है.’

शर्मा के मुताबिक थ्योरी की परीक्षा भी ली जाएगी, जिसमें योग से संबंधित सवाल पूछे जाएंगे. शर्मा ने जोर देकर कहा, ‘इसे राजनीतिक कदम के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, इससे छात्रों को लाभ होने जा रहा है. हम लड़कियों को शारीरिक तौर पर मजबूत बनाने के लिए उन्हें जूडो और ताइक्वांडो भी सिखाएंगे. योग को किसी धर्म विशेष से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.’

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुनील साजन ने योग को अनिवार्य बनाने संबंधी योगी सरकार के फैसले पर कहा, ‘छात्रों समेत समाज के सभी वर्ग सरकार से नाखुश हैं. ऐसा दिन-ब-दिन बढ़ने वाली अराजकता और कुशासन की वजह से है. मैं समझता हूं कि सरकार को बेहतर प्रदर्शन दिखाने के लिए नियमित तौर पर योग करना चाहिए.’

सुन्नी उलेमा और ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा, ‘अगर छात्रों को शारीरिक शिक्षा के लिए योग सिखाया जा रहा है तो हमारे लिए कोई मुद्दा नहीं है. लेकिन सरकार को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि छात्रों को योग सिखाते समय कोई धार्मिक गतिविधि नहीं होने दी जाए.’

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