शिवपाल-आजम खान की मुलाकात पर अखिलेश यादव से सवाल, दिया ये रिएक्शन!

शुक्रवार को शिवपाल और आजम खान के बीच करीब एक घंटे तक मुलाकात चली थी. दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, ये तो साफ नहीं हो सका था. माना जा रहा है कि दोनों नेता सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से नाराज चल रहे हैं.

Advertisement
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल यादव के बीच दूरियां देखी जा रही हैं. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल यादव के बीच दूरियां देखी जा रही हैं.

aajtak.in

  • लखनऊ,
  • 24 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 11:53 PM IST
  • सीतापुर जेल में बंद हैं आजम खान
  • दो दिन पहले शिवपाल ने यादव की थी मुलाकात

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल यादव के बीच दूरियों ने यूपी की सियासत को गरमा दिया है. दो दिन पहले सीतापुर जेल में बंद सपा नेता आजम खान से शिवपाल यादव की मुलाकात ने अखिलेश विरोधियों को बड़ा संकेत दिया है. यही वजह है कि रविवार को जब अखिलेश यादव से इस मुलाकात के बारे में सवाल किया गया तो वह बिफरे नजर आए. अखिलेश का कहना था कि मुझे नहीं पता कि उनसे कौन मिलने गया था. मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है.

Advertisement

बता दें कि शुक्रवार को शिवपाल और आजम खान के बीच करीब एक घंटे तक मुलाकात चली थी. दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, ये तो साफ नहीं हो सका था. दोनों नेता सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से नाराज चल रहे हैं. उधर, राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष चौधरी जयंत ने रामपुर जाकर आजम खान के परिवार से मुलाकात की थी. इसके अलावा, भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर, AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी भी जल्द ही आजम से मुलाकात कर सकते हैं. 

सपा पहल करती तो आजम बहुत पहले जेल से छूट जाते

वहीं, आजम से मुलाकात के बाद शिवपाल यादव ने पत्रकारों से बातचीत में सीधे तौर पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि आजम खान को लेकर समाजवादी पार्टी का रवैया सही नहीं रहा है. आजम पर छोटे-छोटे केस दर्ज किए गए. अगर पार्टी पहल करती तो ये सारे केस बहुत पहले निपट जाते. आजम खान सपा के संस्थापक सदस्य हैं. 10वीं बार विधायक बने हैं. लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य रहे हैं. 

Advertisement

नेताजी आगे आते तो सरकार को सोचना पड़ता

शिवपाल ने कहा कि अगर अखिलेश यादव इसे गंभीरता से लेते और नेताजी स्वयं इस मुद्दे पर धरना देने तक की बात भी करते तो सरकार को सोचना पड़ता. शिवपाल यहां तक बोले कि नेताजी का प्रधानमंत्री बहुत सम्मान करते हैं. अगर नेताजी एक बार भी अखिलेश की पहल पर आगे आते तो आज आजम खान जेल में बंद ना होते. 

अखिलेश को लेकर नाराज दिखे शिवपाल

शिवपाल ने भविष्य में आजम खान की रिहाई के बाद इसी नए गठबंधन की संभावनाओं पर तो बोलने से इंकार कर दिया, लेकिन उनकी पूरी बातचीत इस बात पर केंद्रित दिखी कि उनके मन में समाजवादी पार्टी और खास तौर से उनके नेता अखिलेश यादव के प्रति नाराजगी है.

दोनों नेता एक हुए तो अखिलेश के लिए संकट

बता दें कि शिवपाल यादव को आजम खान का करीबी माना जाता है. ऐसे में आने वाले समय में दोनों नेता एक खेमे में आ सकते हैं. शिवपाल और आजम खान का 'मुस्लिम-यादव' वोट बैंक पर भी अच्छा प्रभाव माना जाता है. ऐसे में अखिलेश के लिए यह अलग तरह का संकट होगा. 

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement