ऑड- ईवन पर UP के पर्यावरण मंत्री का यू टर्न, कहा- लागू करने की कोई योजना नहीं

खतरनाक होते प्रदूषण के स्तर पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली में सोमवार से ऑड-ईवन नियम लागू कर दिया गया. इस बीच उत्तर प्रदेश के पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान ने भी राज्य के कुछ शहरों में यह नियम लागू करने की बात कह दी. अब चौहान ने अपने बयान से पलटी मार दी है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर (फाइल फोटोः PTI) प्रतीकात्मक तस्वीर (फाइल फोटोः PTI)

कुमार अभिषेक

  • लखनऊ,
  • 04 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 8:27 PM IST

  • दारा सिंह  ने कहा था, ऑड-ईवन पर सोच सकते हैं
  • बोले थे, अन्य उपाय विफल रहे तो बनाएंगे योजना

प्रदूषण का स्तर दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के कई शहरों में भी बढ़ने लगा है. खतरनाक होते के स्तर पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली में सोमवार से ऑड-ईवन नियम लागू कर दिया गया. इस बीच उत्तर प्रदेश के पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान ने भी राज्य के कुछ शहरों में यह नियम लागू करने की बात कह दी. अब चौहान ने अपने बयान से पलटी मार दी है.

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चौहान ने दिन में दिए अपने बयान से शाम पलटते हुए इसकी संभावनाओं को खारिज किया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऑड-ईवन लागू करने की कोई योजना नहीं है. गौरतलब है कि केजरीवाल सरकार के दिल्ली में ऑड-ईवन लागू करने के फैसले का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विरोध करती रही है. भाजपा ने इसे नौटंकी बताया था.

चौहान ने क्या कहा था

पर्यावरण मंत्री दारा सिंह चौहान ने कहा था कि जिन जिलों में वायु प्रदूषण का स्तर बिगड़ता जा रहा है, वहां भी नियम लागू करना चाहिए. हम इसके बारे में सोच सकते हैं. उन्होंने कहा था कि यदि राज्य सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से उठाए गए कदम बढ़ते वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने में विफल रहते हैं तो हम एक व्यापक योजना बनाएंगे.

मंत्री दारा सिंह चौहान (फाइल फोटोः ANI)

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दिल्ली से सटे शहरों, राजधानी में भी बढ़ा प्रदूषण

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद के साथ ही राजधानी में भी प्रदूषण बढ़ा है. लखनऊ में प्रदूषण लोगों पर कहर बनकर टूट रहा है. राजधानी के अस्पतालों में सांस के मरीजों की भीड़ लगी है.

बढ़ी सांस के मरीजों की संख्या

हालात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले दो दिनों में अस्पताल पहुंचे कुल मरीजों में से 25 फीसदी सांस की समस्या लेकर पहुंचे थे. लखनऊ के लोहिया अस्पताल, किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) और सिविल अस्पताल की OPD में मरीजों की संख्या बढ़ी है.

अकेले में 42 मरीज सांस की समस्या लेकर पहुंचे, वहीं लोहिया अस्पताल में ऐसे मरीजों की संख्या 36 रही. बलरामपुर सिविल अस्पताल में भी सांस की समस्या के मरीजों की भीड़ अन्य दिनों की अपेक्षा तीन फीसदी अधिक रही.

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