गांव में योगी की 'रात्रि चौपाल': जनता बोली- नहीं मिले शौचालय, अफसरों को पड़ी फटकार

चौपाल में शौचालय के सवाल पर लोगों ने कहा कि उन्हें शौचालय नहीं मिले हैं. जिसके बाद मंच से ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनता के सामने आने का हुक्म दिया और वहीं शौचालयों की जानकारी मांगी.

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चौपाल के दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ चौपाल के दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ

कुमार अभिषेक / जावेद अख़्तर

  • प्रतापगढ़,
  • 24 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 8:57 AM IST

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को प्रतापगढ़ के मधुपुर गांव पहुंचे. यहां सीएम ने चौपाल लगाई और जनता के साथ सीधे संवाद किया. मधुपुर गांव के स्कूल प्रांगण में रात्रि चौपाल के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री गांव के हजारों लोगों से मुखातिब हुए और एक-एक कर सभी योजनाओं के बारे में लोगों से जानकारी ली.

अधिकारियों पर बरसे योगी

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सबसे पहला सवाल शौचालय पर आया कि गांव में कितने लोगों को शौचालय मिला है और कितनों को नहीं. इस सवाल के जवाब में ज्यादातर लोगों ने शौचालय नहीं मिलने की शिकायत की.

जिसके बाद मंच से ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनता के सामने आने का हुक्म दिया और वहीं शौचालयों की जानकारी मांगी. इसके बाद मुख्यमंत्री ने 24 घंटे के अंदर गांव के सभी लोगों को शौचालय के पैसे यानी 12 हजार रुपये उनके अकाउंट में ट्रांसफर किए जाने का आदेश दिया.

प्रधानमंत्री आवास योजना पर सवाल

शौचालय के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना का सवाल आया इसमें भी ज्यादातर लोग नाखुश थे क्योंकि उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिला था. एक बार फिर जिले के डीएम और बीडीओ समेत दूसरे अधिकारियों को तलब किया गया.

मुख्यमंत्री को बताया गया कि 126 लोगों को मकान दिए जा चुके हैं और 140 से ज्यादा लोगों की फेहरिस्त बनकर तैयार है. जिसके बाद मंच से लाभार्थियों के नाम पढ़े गए और फिर उन लोगों के भी नाम पढ़े गए जिन्हें अगले कुछ दिनों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान दिए जाने हैं.

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प्रतापगढ़ के सबसे बड़े गांव मधुपुर में राशन कार्ड और अलग-अलग पेंशन के बारे में मुख्यमंत्री ने पूछा तो जनता से वही जवाब आया कि 'नहीं मिला है'. एक बार फिर बिफरे मुख्यमंत्री ने मंच से अधिकारियों को खूब सुनाया और सरेआम उन्हें चेतावनी देते हुए कहा कि किसी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाने के बाद मुख्यमंत्री ने जनता को भी हल्की फटकार लगाई. उन्होंने जनता को विरोध करने के लिए योजनाओं को पूरी तरीके से समझने की हिदायत दी और कहा कि सरकार की योजनाओं को समझें और उसमें अपने लिए चुनें.

इससे पहले मंच पर आते ही मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान की चाबी दी. साथ ही गोद भराई रस्म के तहत गर्भवती महिलाओं को उपहार दिए और अन्नप्राशन योजना की शुरुआत अपने हाथों से की. मुख्यमंत्री की चौपाल करीब दो घंटे तक चली. इसमें कभी लोग तालियां बजाते नजर आए तो कभी विरोध करते हुए दिखे.

चौपाल के बाद सीएम योगी ने आजतक से बात करते हुए कहा कि यूपी देश का सबसे बड़ा राज्य है. उन्होंने कहा, 'मैं जनता से रोज मिलता हूं, उनकी समस्याएं सुनता हूं, लेकिन अब चौपाल लगाई. उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में आना जरूरी था क्योंकि प्रधानमंत्री ने 20 हजार से ज्यादा गांव का चयन इसलिए किया है क्योंकि अनुसूचित जातियों की आधी से ज्यादा आबादी इन्हीं गांव में रहती है.

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दलितों के यहां भोजन करने पर उन्होंने कहा कि यह कोई चुनावी व्यवस्था नहीं है. यह हमारे ग्राम स्वराज अभियान का हिस्सा है जिसमें समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के घर भी विश्वास पैदा करना है और मैं उसी एजेंडे को लेकर आया हूं.

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