शिवपाल ने अखिलेश को दी डेडलाइन, कहा- तीन महीने में पद छोड़ो, वरना बनाऊंगा नई पार्टी

शिवपाल ने कहा, 'अखिलेश यादव ने तीन महीने का समय मांगा था और कहा था कि तीन माह बाद पार्टी और पद वापस नेताजी (मुलायम सिंह यादव) को सौंप दूंगा. अखिलेश अपना वायदा पूरा करें वरना हम भी नई पार्टी बनाने के लिये सेक्यूलर मोर्चे का गठन करेंगे.'

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शिवपाल सिंह यादव शिवपाल सिंह यादव

मोहित ग्रोवर / BHASHA

  • लखनऊ,
  • 03 मई 2017,
  • अपडेटेड 7:45 PM IST

समाजवादी पार्टी नेता शिवपाल सिंह यादव ने बुधवार को एक बार फिर अखिलेश यादव को चेताया. शिवपाल ने अखिलेश से तीन महीने में अध्यक्ष पद मुलायम सिंह यादव को सौंपने का अपना वायदा पूरा करने को कहा है. साथ ही धमकी दी है कि ऐसा नहीं हुआ तो नई पार्टी बनाने के मकसद से धर्म निरपेक्ष मोर्चे का गठन करेंगे.

शिवपाल ने कहा, ' ने तीन महीने का समय मांगा था और कहा था कि तीन माह बाद पार्टी और पद वापस नेताजी (मुलायम सिंह यादव) को सौंप दूंगा. अपना वायदा पूरा करें वरना हम भी नई पार्टी बनाने के लिये सेक्यूलर मोर्चे का गठन करेंगे.'

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उन्होंने कहा कि और समाजवादी परिवार को जोड़ने का काम करें. समाजवादी होने का जो लोग दावा ठोंक रहे हैं, सभी को पता है पार्टी किसने खड़ी की है.

अखिलेश सरकार में अधिकारी-भ्रष्टाचारी की जुगलबंदी
शिवपाल ने कहा कि जब भ्रष्ट अधिकारी भ्रष्टाचारी से सीधी भागीदारी कर लेते हैं तब प्रदेश का बुरा हाल हो जाता है जो हमारी पूर्ववर्ती सरकार में हुआ. वही हाल अब होने लगा है पिछले दो तीन माह में हमारे निर्वाचन क्षेत्र में सत्ता के नशे में भले लोगों के साथ जुल्म किया जा रहा है.

उन्होंने राम गोपाल यादव का नाम लिए बगैर कहा कि पार्टी संविधान रचयिता शकुनि को गीता पढ़ना चाहिए. सबको पता है सपा किसने बनाई. मुलायम ने सपा खड़ी की और लाखों लोगों को फायदा पहुंचाया.

'मेरे लिए नेताजी ही सबकुछ'
शिवपाल ने कहा, 'हमारे लिए तो नेता जी ही सबकुछ हैं. जो लोग आज समाजवादी होने का दावा ठोंक रहे हैं उन्होंने ही लोकसभा चुनाव में टिकट बांटे और संख्या पांच रह गई. विधानसभा चुनाव में टिकट बांटे तो 227 से 47 की संख्या रह गई. अब वह खुद ही आकलन कर लें.'

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बता दें कि इससे पहले मुलायम की दूसरी बहू अपर्णा यादव भी अखिलेश से पार्टी अध्यक्ष पद छोड़ने और कमान मुलायम सिंह यादव के हाथ में देने की बात कह चुकी है. विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी की हार के बाद से शिवपाल यादव लगातार अखिलेश के खिलाफ हमलावर हैं. हालांकि अखिलेश की तरफ से अध्यक्ष पद छोड़ने को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

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