17वीं लोकसभा के पहले सत्र की कार्यवाही सोमवार को शुरू हुई थी. पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ नए चुने गए सदस्यों ने निचले सदन की सदस्यता की शपथ ली थी. लोकसभा में शपथ के दूसरे दिन मंगलवार को शपथ के दौरान संसद में 'जय श्रीराम' के नारे लगाए गए. जिससे विवाद हो गया.
इस पर समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खां ने कहा कि भला हमें जय श्रीराम से क्या एतराज हो सकता है? अगर संसद में जय श्रीराम के नारे लगते हैं, तो अल्लाह-हू-अकबर से किसी को क्यों एतराज होना चाहिए? बात निकली है, तो बहुत दूर तलक जाएगी. रामचंद्र से मुसलमानों का कोई विवाद नहीं है और न ही हो सकता है. हम किसी मजहब की तौहीन कर ही नहीं सकते, लेकिन जब पैगम्बर मोहम्मद साहब के लिए कोई बात आती है तो दुख होता है.
योगी आदित्यनाथ सरकार के प्राइवेट यूनिवर्सिटी अध्यादेश पर आजम खां ने कहा कि वो जो चाहे वो करें, लेकिन जौहर यूनिवर्सिटी में तमाम गरीबों को शिक्षा दी जाती है.
उन्होंने ये भी कहा कि हमारे यहां लड़कियों को शिक्षा दी जाती है, जिससे वो इंजीनियर बनें. ऐसे इंजीनियर बनें जिनकी क्वालिटी अप टू द मार्क हो.देशद्रोही एक्टिविटी चलने के आरोप पर आजम खां ने कहा कि वो चाहे जो कहें, हमारी यूनिवर्सिटी में तमाम लोगों को कम पैसे में शिक्षा दी जाती है.
बता दें कि आजम खान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं और वह रामपुर संसदीय सीट से बीजेपी उम्मीदवार जयाप्रदा को हरा कर संसद में पहुंचे हैं.
गौरतलब है कि आजम खान अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहते हैं. इससे पहले उन्होंने यह कहकर एक नया विवाद पैदा कर दिया था कि मदरसे नाथूराम गोडसे या प्रज्ञा सिंह ठाकुर जैसे लोगों को तैयार नहीं करते हैं. खान मदरसों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना पर प्रतिक्रिया दे रहे थे.
aajtak.in / सिद्धार्थ तिवारी