मेरठ के एसपी सिटी अखिलेश नारायण के वायरल वीडियो का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. यह मामला अब सियासी रंग लेता नजर आ रहा है. कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा है कि बीजेपी ने संस्थाओं में साम्प्रदायिक जहर घोल दिया है. प्रियंका ने ट्वीट कर कहा, 'भारत का संविधान किसी भी नागरिक के साथ इस भाषा के प्रयोग की इजाजत नहीं देता और जब आप अहम पद पर बैठे अधिकारी हैं तब तो जिम्मेदारी और बढ़ जाती है. भाजपा ने संस्थाओं में इस कदर साम्प्रदायिक जहर घोला है कि आज अफसरों को संविधान की कसम की कोई कद्र ही नहीं है.'
वहीं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भी एक के बाद एक ट्वीट किए. दिग्विजय ने मुसलमानों ने भारत के संविधान और महात्मा गांधी, पंडित नेहरू, सरदार पटेल, अब्दुल कलाम आजाद के नेतृत्व पर विश्वास कर इस्लामिक पाकिस्तान जाने की बजाय भारत में रहने का निर्णय किया था. मेरठ के एसपी का बयान सुकर शॉक्ड हूं. उन्होंने यह बयान देने वाले एसपी को बर्खास्त करने और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मांग की है.
असदुद्दीन ओवैसी ने वीडियो रीट्वीट करते हुए लिखा है कि मैंने भारत के मुसलमानों में कट्टरता रोकने के लिए अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया है. यह अधिकारी मेरे सभी प्रयासों को निष्फल कर रहा है.
इस मामले पर मेरठ के एडीजी प्रशांत किशोर का कहना है कि उस जगह भारत विरोधी नारेबाजी हो रही थी. हालांकि एसपी के शब्दों का चयन और बेहतर हो सकता था. वहीं मेरठ पुलिस ने संयम के साथ काम किया.
aajtak.in