नोएडा में भूजल दोहन करने वाले की अब खैर नहीं, NGT ने दिए ये सख्त आदेश

NGT ने बिल्डरों या परियोजना के प्रस्तावकों को अपनी परियोजना की लागत का कम से कम 0.5 प्रतिशत अंतरिम मुआवजा के रूप में भुगतान करने का भी निर्देश दिया है. अपने आदेश में NGT ने कहा है कि बिल्डरों को एक महीने के भीतर मुआवज़ा अदा करना होगा.

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मुआवजा नहीं देने पर बिल्डर्स के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई मुआवजा नहीं देने पर बिल्डर्स के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 18 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 12:00 AM IST

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण यानी NGT ने नोएडा में सभी गैरकानूनी वाणिज्यिक बोरवेल को सील करने के निर्देश दिया है. दरअसल, NGT ने नोएडा प्राधिकरण को हफ्ते भर में बिना लाइसेंस के चल रहे कारखानों, भवन निर्माण कार्य सहित गैरकानूनी वाणिज्यिक सभी बोरवेल सील करने के निर्देश दिए हैं.

इसके अलावा NGT ने बिल्डरों या परियोजना के प्रस्तावकों को अपनी परियोजना की लागत का कम से कम 0.5 प्रतिशत अंतरिम मुआवजा के रूप में भुगतान करने का भी निर्देश दिया है. अपने आदेश में NGT ने कहा है कि बिल्डरों को एक महीने के भीतर मुआवज़ा अदा करना होगा. NGT ने कहा कि मुआवज़ा अदा नहीं करने पर बिल्डर्स के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के लिए मजिस्ट्रेट स्वतंत्र होंगे.

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गौरतलब है कि प्राधिकरण नोएडा में 40 से अधिक बिल्डरों द्वारा भूजल के अवैध दोहन की शिकायत के संबंध में एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था. NGT ने कहा कि भूजल का अनियंत्रित दोहन पर्यावरण के लिए न केवल बेहद हानिकारक है बल्कि सुप्रीम  के निर्देशों का उल्लंघन भी है.

अगस्त में प्राधिकरण पर लगा था 100 करोड़ का जुर्माना 

बता दें कि एनजीटी ने नोएडा विकास प्राधिकरण सहित दिल्ली जल बोर्ड पर इसी साल अगस्त माह में करोड़ों का जुर्माना लगाया था. यह जुर्माना पर्यावरण को हो रहे नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए लगाया गया है. नहरों और यमुना नदी में दूषित पानी का बहाव रोकने के लिए दाखिल अर्जी पर  NGT ने नोएडा प्राधिकरण पर 100 करोड़ यानी एक अरब रुपये और दिल्ली जल बोर्ड पर 50 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था. 

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