मोदी सरकार द्वारा 500 और 1000 के नोट खत्म किए जानें पर अखिलेश यादव ने कहा कि जहां तक पीएम के इस फैसले की बात है, तो पहली बात ये है कि किसी को भी इस फैसले से असुविधा नहीं होनी चाहिए. कालाधन मिटाने के लिए इतना बड़ा फैसला लिया है. तो कम से कम गांव गरीब, मजदूर दुकानदार, चायवाले, पानवाले, ठेला चलाने वाले कम से कम इन्हें तकलीफ न हो.
उन्होंने कहा कि मैं ये भी कहता हूं ये कोई परमानेंट सोल्यूशन नहीं है कि आज आपने 1000 या 500 के नोट बंद कर दिए तो कालाधन रूक जाएगा. सुना है आनेवाले वक्त में 200 और 2000 के नोट आ रहे हैं. तो 1000 रूपए रखने वाले इंतजार कर रहे होंगे कि कब ये 2000 के नोट आएं.
अखिलेश ने कहा कि ये जो 500 और 1000 के नोट बैन किए हैं हो सकता है ये चुनाव को ध्यान में रखकर किए गए हों, खुद की तैयारी पूरी नहीं हुई. ये बातें राज्य सभा और लोकसभा में भी लाई जा सकती थी. लेकिन हो सकता है ये यूपी के चुनाव हैं इसलिए ये फैसला ले लिया गया हो. लेकिन इससे दूसरों को कितनी तकलीफ हो रही होगी.
जो लोग गठबंधन के साथ जुड़ना चाहते हैं. ये जरूरी नहीं कि कोई फॉर्मुला आसानी से निकल आए. वो लोग राजनीतिक सफर में कहीं न कहीं नेताजी के साथ भी रहे हैं और दूर भी.
कुमार अभिषेक / अमित रायकवार