इंसानियत शर्मसार! मृतक का होना था पोस्टमॉर्टम, पुलिस ने कूड़ा-करकट वाली गाड़ी से भेज दिया शव

ये सिर्फ शर्मसार करने वाली घटना नहीं है, बल्कि सवाल उठता है कि क्या प्रशासन की कोई जिम्मेदारी नहीं है? इंसानियत ना भी हो लेकिन कुछ नियम तो होते ही हैं, जिनका पालन करना जरूरी रहता है.

Advertisement
पुलिस ने मृत के शव को कूड़े वाली गाड़ी में फेंका पुलिस ने मृत के शव को कूड़े वाली गाड़ी में फेंका

नाह‍िद अंसारी

  • महोबा,
  • 30 मई 2021,
  • अपडेटेड 7:11 PM IST
  • इंसानियत शर्मसार करने वाली घटना
  • पुलिस ने मृत के शव को कूड़ा गाड़ी में फेंका
  • सामने आईं हैरान कर देने वाली तस्वीरें

कोरोना महामारी का ऐसा खौफ देखने को मिला है कि मुश्किल समय में परिवार ने ही अपनों का साथ छोड़ा है. कोरोना से मौत भी हो गई तो अर्थी को कंधा देने के लिए परिवार वाले आगे नहीं आते हैं. अब जब ऐसा होता है तब तो इंसानियत शर्मसार होती ही है, लेकिन जब कोई पुलिस अधिकारी भी ऐसा ही अमानवीय चेहरा दिखाने लगे, तब क्या कहा जाएगा.

Advertisement

अब कोरोना से जुड़ा तो नहीं लेकिन उत्तर प्रदेश के महोबा से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. एक शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजना था, कोई वाहन नहीं मिला तो पुलिसवालों ने कूड़े वाली गाड़ी में ही शव को डाल दिया और फिर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया.

पुलिस ने मृतक के शव को कूड़े वाली गाड़ी में फेंका

ये सिर्फ शर्मसार करने वाली घटना नहीं है, बल्कि सवाल उठता है कि क्या प्रशासन की कोई जिम्मेदारी नहीं है? इंसानियत ना भी हो लेकिन कुछ नियम तो होते ही हैं, जिनका पालन करना जरूरी रहता है. लेकिन यूपी के महोबा में सभी नियमों को ताक पर रखा गया और एक मृतक के शव को कूड़े की गाड़ी में जानवरों की तरह फेंक दिया गया.

बता दें कि जिनके शव के साथ ये अमानवीय व्यवहार किया गया है, उनका नाम राम करण था और वे एक किसान थे. कुछ दिनों से उनकी तबीयत खराब चल रही थी, सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी. जब स्थिति ज्यादा गंभीर हुई तो परिवार ने जिला अस्पताल में एडमिट करवाने का फैसला लिया.

Advertisement

झकझोर देने वाली तस्वीरें

लेकिन अस्पताल पहुंचते ही वहां डॉक्टरों ने राम करण को मृत घोषित कर दिया. इसके बाद अस्पताल प्रशासन की तरफ से सदर कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई और सब इंस्पेक्टर और दो सिपाही जिला अस्पताल पहुंच गए. उनका काम सिर्फ इतना था कि उन्हें उस मृतक के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजना था.

लेकिन क्योंकि अस्पताल के पास कोई वाहन मौजूद नहीं था, इसलिए उन पुलिस अधिकारियों ने अपना दिमाग चलाया और उस शव को कूड़े-करकट वाली गाड़ी में डाल दिया. सोशल मीडिया पर इस शर्मनाक हरकत की तस्वीर वायरल है. सभी ये देख हैरान हैं कि एक शव को बेरहमी से कूड़े की गाड़ी में फेंक दिया गया है.

मृतक के बेटे ने क्या बताया है?

राम करण के बेटे ने बताया है कि पिता जी का इलाज करवाने जिला अस्पताल लाए थे पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था और शव को कूड़ा डालने वाली गाड़ी में डाल कर भेज दिया था. अब इस घटना ने जब तूल पकड़ा तो पत्रकारों की तरफ से पुलिस महकमे के सामने कई सवाल दागे गए, पूछा गया है कि क्यों किसी के शव के साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार किया गया. लेकिन पुलिस के पास सवालों का कोई जवाब नहीं था. किसी भी अधिकारी ने इस घटना पर बोलने से ही इनकार कर दिया.

Advertisement

लेकिन बाद में महोबा ASP ने जरूर घटना का संज्ञान लिया और जांच के आदेश भी दिए. उनकी तरफ से अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है. उसके आधार पर ही आगे की कार्रवाई को अंजाम दिया जाएगा.

ये कोई पहली घटना नहीं है जहां पर किसी मृतक के साथ ऐसा व्यवहार किया गया हो. कोरोना काल में तो सिर्फ इंसान बदलते हैं, जगह कोई दूसरी हो सकती है, लेकिन इंसानियत को लगातार शर्मसार करने वाली घटनाएं जारी हैं. कभी किसी के शव को गंगा नदी में फेंक दिया जाता है कभी किसी को कुत्ते नोंच रहे होते हैं. इस कोरोना काल ने कई ऐसी घटनाएं दिखा दी हैं जिन्होंने ना सिर्फ लोगों को अंदर तक झकझोर दिया है, बल्कि प्रशासन को भी कठघरे में खड़ा किया है.

(रिपोर्ट-नाहिद अंसारी)

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »