अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने एक बड़ा दांव चला है. एनडीए में शामिल पार्टी 'अपना दल' का जल्द ही बीजेपी में विलय हो जाएगा.
जातीय रणनीति को साधने के लिए बीजेपी ने अपनी सहयोगी पार्टी का विलय करवाने के साथ ही उसकी नेता और मिर्जापुर से सांसद अनुप्रिया पटेल को मोदी सरकार में शामिल करने का मन बनाया है.
मंगलवार को हो रहे मोदी सरकार के बड़े फेरबदल में अनुप्रिया पटेल कैबिनेट में शामिल होने वाली हैं. मिर्जापुर से सांसद और युवा नेता अनुप्रिया पटेल के जरिए बीजेपी यूपी के ओबीसी वोट बैंक को अपने पाले में करने की कोशिश में लग गई है.
यूपी के 8 फीसदी कुर्मी वोटों पर बीजेपी की नजर
अनुप्रिया ने अपने पिता सोनेलाल पटेल की बनाई पार्टी अपना दल से राजनीति की शुरुआत की थी. पति की मौत के बाद कृष्णा पटेल पार्टी की कमान संभाल रही हैं. प्रदेश की कुर्मी जाति के वोटों को उनका जनाधार माना जाता है. उत्तर प्रदेश में कुर्मियों के लगभग 8 फीसदी वोट हैं.
अपना दल में हो चुका है दो फाड़
अपनी ही पार्टी और उसकी प्रमुख अपनी मां से अनुप्रिया पटेल के मतभेद का मामला काफी चर्चा का विषय रहा है. पार्टी में दोफाड़ भी हुआ था. अब साफ है कि चुनाव को देखते हुए अपना दल और अनुप्रिया दोनों एक हो रहे हैं. साथ ही पार्टी का बीजेपी में विलय करवा रहे हैं.
बीजेपी को हर हाल में चाहिए ओबीसी वोट
यूपी विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए बीजेपी को पिछड़ों का वोट हर हाल में चाहिए. यादव वोटों पर समाजवादी दल का एकाधिकार माना जाता रहा है. ऐसे में ओबीसी में दूसरी प्रमुख जाति कुर्मी के वोट को साथ लाने के लिए बीजेपी कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती.
सोनेलाल पटेल की जयंती पर पहुंचे थे अमित शाह
अनुप्रिया पटेल ने बीते दिनों इन इलाकों में रैलियां कर बीजेपी और केंद्र सरकार की जमकर तारीफ की थी. वहीं वाराणसी में अपना दल के संस्थापक सोने लाल पटेल के 67वें जन्मदिन पर आयोजित जन स्वाभिमान रैली में बीजेपी के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. मंच पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, उत्तर प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष केशव मौर्य सहित कई नेता मौजूद थे. दोनों दलों की इतनी नजदीकियों ने तभी विरोधियों को चौकन्ना कर दिया था.
पार्टी के साथ जुड़ सकती हैं कुछ अन्य जातियां
कुर्मी जाति के साथ ही कोईरी, काछी, कुशवाहा जैसी जातियों पर भी अपना दल का असर होता है. इन्हें आपस में जोड़ दें तो पूर्वांचल के बनारस, चंदौली, मिर्जापुर, सोनभद्र, इलाहाबाद, कानपुर, कानपुर देहात की सीटों पर यह वोट बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं. लोकसभा चुनाव 2014 में बीजेपी ने गठबंधन किया था.
केशव कुमार / राजदीप सरदेसाई / हिमांशु मिश्रा