भीड़ वाले इलाकों में कार्यक्रम के दौरान हाथी को लाना कितना खतरनाक साबित हो सकता है, इसका सबूत वाराणसी में मिला. त्योहारों के मौसम, रामलीला, शादियों या राजनीतिक कार्यक्रमों में हाथी को लाना आम बात है. वाराणसी के औरंगाबाद क्षेत्र में लाए गए एक हाथी के बेकाबू होने की घटना सामने आई है.
सेवापुरी से औरंगाबाद लाए गए हाथी ने पहले तो अपने महावत को ही जमीन पर पटक दिया. फिर भरे बाजार में किनारे की चीजों को तोड़ता हुआ आगे बढ़ने लगा. यही नहीं हाथी ने सड़क पर बने एक मंच को भी देखते ही देखते उखाड़ फेंका.
एक शख्स हुआ घायल
एक चश्मदीद के मुताबिक हाथी ने मंच को तोड़ने के बाद कुछ रिक्शावालों को भी निशाना बनाया. कुछ रिक्शा भी चकनाचूर हो गए. इस अफरातफरी में एक शख्स घायल भी हो गया. बताया गया कि दशहरे के बाद भी रामलीला के कुछ कार्यक्रम होते हैं.
टल गया बड़ा हादसा
ऐसे ही एक कार्यक्रम के लिए हाथी को औरंगाबाद लाया गया था. वाराणसी मे बेशक बड़ा हादसा टल गया. लेकिन सवाल ये है कि क्या भीड़भाड़ वाले शहरी इलाकों में इस तरह हाथियों की शिरकत की अनुमति देना क्या खतरे को मोल लेना नहीं है.
सुरभि गुप्ता