तेलंगाना के जंगांव जिले से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. जिले के चिलपुर मंडल के मलकापुर गांव निवासी 22 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र थोखाला ऋतिक रेड्डी की जर्मनी में आग लगने की एक भयावह घटना में मौत हो गई. यह हादसा 31 दिसंबर को जर्मनी के ब्रांडेनबर्ग इलाके में हुआ, जिससे परिवार और पूरे गांव में गहरा शोक फैल गया.
ऋतिक रेड्डी उच्च शिक्षा के लिए जर्मनी गया हुआ था. वह पोट्सडैम स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ यूरोप फॉर एप्लाइड साइंसेज में मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रहा था. घटना की खबर जैसे ही गांव और परिवार तक पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई.
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अपार्टमेंट में लगी आग, धुएं में घिरा छात्र
परिजनों को मिली जानकारी के अनुसार, ऋतिक रेड्डी जिस अपार्टमेंट में रह रहा था, उसी इमारत में अचानक आग लग गई. यह अपार्टमेंट बर्लिन के पास स्थित बताया जा रहा है. आग लगते ही इमारत के कॉरिडोर में घना धुआं और आग की लपटें फैल गईं.
सूत्रों के मुताबिक, धुएं और आग के कारण ऋतिक के पास बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा. जान बचाने की कोशिश में उसने इमारत से नीचे छलांग लगा दी. इस दौरान उसके सिर में गंभीर चोटें आईं.
इलाज के दौरान तोड़ा दम, जांच जारी
घटना के बाद ऋतिक रेड्डी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया. डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. इस घटना ने परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है.
पुलिस ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग कैसे और किन हालात में लगी.
शव भारत लाने की अपील
इधर, शोक में डूबे परिवार ने प्रशासन से ऋतिक रेड्डी के शव को जल्द से जल्द भारत लाने में मदद की मांग की है. गांव में मातम का माहौल है और हर कोई इस होनहार छात्र की असमय मौत से दुखी है.
परिजन उम्मीद कर रहे हैं कि संबंधित अधिकारी जल्द जरूरी प्रक्रिया पूरी कर शव को भारत भेजने में सहयोग करेंगे, ताकि अंतिम संस्कार घर पर किया जा सके.
अब्दुल बशीर