इराक में मारे गए 39 भारतीयों के शवों के अवशेष लेने के लिए केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह 1 अप्रैल को भारतीय वायुसेना के विमान सी-17 ग्लोबमास्टर से बगदाद जाएंगे.
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बगदाद में भारतीय दूतावास के अधिकारी इराकी अधिकारियों के सम्पर्क में हैं. जैसे ही इस मामले में हरी झंडी मिलेगी जनरल वीके सिंह दिल्ली से बगदाद के लिए रवाना हो जाएंगे.
वायुसेना का विमान सी-17 ग्लोबमास्टर दिल्ली से उड़ान भरकर बगदाद पहुंचेगा और वहां से अमृतसर लाया जाएगा. बाद में शव अवशेषों को उनके परिवार को सौंपा जाएगा. इसके बाद पटना (बिहार) और कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में वहां के शव अवशेष परिजनों को सौंपे जाएंगे.
गौरतलब है कि इराक में गायब 39 भारतीयों की खोज में लगे पूर्व आर्मी चीफ और केंद्रीय मंत्री को सबसे पहले इराक के बदूश शहर में टीलों के बारे में इनपुट मिला था, जिन्हें देखकर लगता था कि यहां कुछ दबा हुआ है. वीके सिंह की अगुवाई में भारतीय टीम और इराकी सैनिकों के दल ने इन टीलों को खोदने का फैसला लिया. जिससे 2014 के बाद आईएस के कब्जे में रहे पीड़ितों के अवशेष को तलाशा जा सके.
यही वो समय था जब आईएस ने इराक और सीरिया के महत्वपूर्ण इलाकों पर अपना कब्जा जमाना शुरू कर दिया था सभी भारतीयों के शवों की पहचान होने के बाद उनके परिवारों को इस बारे में जानकारी देने का फैसला किया.
बता दें कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हाल ही में ये जानकारी दी थी कि इराक में मारे गए शवों के अवशेषों को भारत लाया जाएगा. मृतकों के परिजनों ने सरकार और विशेष रूप से सुषमा और विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह द्वारा की गई कोशिशों की सराहना की. वहीं मृतकों के परिवार ने वित्तीय मदद और सरकारी नौकरी मांगी है, क्योंकि उनके लिए आजीविका अर्जित करने वाले की मौत हो गई है.
गौरतलब है कि सुषमा ने राज्यसभा में कहा था कि करीब 40 भारतीयों को इराक के मोसुल से आईएसआईएस आतंकी संगठन ने अगवा कर लिया था, लेकिन उनमें से एक खुद को बांग्लादेशी मुसलमान बता कर बच निकलने में कामयाब रहा. उन्होंने कहा था कि 39 भारतीयों को बादूश ले जाया गया और उनकी हत्या कर दी गई.
मंजीत नेगी / सना जैदी