यूपी में अपराध: शिवसेना ने पूछा- क्या यही है सबका साथ, सबका विकास?

लेख में कहा गया है,'पिछले 2-3 महीनों में अपराधी बेहद निडर हो गए हैं. इस दौरान अपराधों में हुई बेतहाशा बढ़ोत्तरी इस बात का सबूत दे रही है. मामले चाहे लूटपाट के हों, कत्ल के, बलात्कार के या फिर सांप्रदायिक दंगों के. हर तरह के अपराधी यूपी के गुंडाराज में अपने जौहर दिखा रहे हैं.'

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फाइल फोटो फाइल फोटो

विरेंद्रसिंह घुनावत

  • मुंबई,
  • 26 मई 2017,
  • अपडेटेड 9:11 AM IST

शिवसेना और बीजेपी के बीच तल्ख रिश्ते कोई राज नहीं हैं और अब पार्टी के मुखपत्र सामना में यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा गया है. पत्र में छपे लेख में राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर योगी सरकार को आड़े हाथों लिया गया.


सामना में छपे लेख में कहा गया है कि जबसे यूपी में योगी का राज आया है, तबसे अपराधी बेखौफ हो गए हैं, उनकी रफ्तार हाई-स्पीड हो गई है. मुखपत्र में लिखा गया है, 'यूपी में हो रहे घटनाक्रम राज्य की छाती पर मूंग दल रहे हैं. पीड़ित चीख-चीखकर योगी से सवाल कर रहे हैं- क्या यही है सबका साथ, सबका विकास?'

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'क्या बुरी थी पिछली सरकार?'
लेख में पूछा गया है कि अगर योगीराज में भी यही हालात होने थे तो अखिलेश सरकार क्या बुरी थी? सामना के मुताबिक यूपी चुनाव से पहले बीजेपी नेताओं ने गला फाड़कर राज्य को अपराध-मुक्त करने का वादा किया था. मुख्यमंत्री सत्ता संभालने के बाद कई बार कह चुके हैं कि किसी को कानून अपने हाथ में लेने नहीं दिया जाएगा. पत्र के मुताबिक सीएम के इस दावे की पोल यूपी के दबंग आए दिन खोल रहे हैं.


लेख में कहा गया है,'पिछले 2-3 महीनों में अपराधी बेहद निडर हो गए हैं. इस दौरान अपराधों में हुई बेतहाशा बढ़ोत्तरी इस बात का सबूत दे रही है. मामले चाहे लूटपाट के हों, कत्ल के, बलात्कार के या फिर सांप्रदायिक दंगों के. हर तरह के अपराधी यूपी के गुंडाराज में अपने जौहर दिखा रहे हैं.' लेख में दावा किया गया है कि प्रदेश में हाई स्पीड ट्रेन भले ना चली हो लेकिन अपराधियों के हौसले जरूर 'हाई स्पीड' हो गए हैं.

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'गलत नहीं विपक्ष के आरोप'
शिवसेना की मानें तो यूपी में योगी सरकार का अपराधियों परे कोई जोर नहीं चल रहा है. ऐसे में अगर विपक्ष यूपी सरकार पर आरोप लगाए तो वो गलत नहीं हैं क्योंकि यूपी में अपराधी ही कानून बनाते हैं और वही कानून तोड़ते भी हैं. लेख के मुताबिक 'यूपी की जनता को इन सवालों के जवाब के लिए किसी और सरकार की जरूरत होगी.'

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