केंद्रीय मंत्री और आरएलएसपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने बिहार विधानसभा उपचुनाव को लेकर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कर अपनी नाराजगी जताई. उपेन्द्र कुशवाहा ने जहानाबाद विधानसभा सीट जेडीयू को दिए जाने पर अमित शाह के सामने अपनी नाराजगी जताई.
उपेन्द्र कुशवाहा के मुताबिक, जहानाबाद विधानसभा सीट पर उनकी पार्टी का दावा बनता था, क्योंकि ये सीट 2015 के विधानसभा चुनाव में उनके खाते में आई थी. इसलिए इस उपचुनाव में भी ये सीट उनकी पार्टी को दी जानी चाहिए थी. सूत्रों की माने तो बीजेपी ने आरएलएसपी से बिना बात किए ही ये सीट जेडीयू को दे दी.
बिहार में के बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाने के बाद से ही ऐसी चर्चा है कि उपेन्द्र कुशवाहा लोकसभा चुनाव से पहले एनडीए से बाहर जा सकते हैं. क्योंकि बिहार में गठबंधन की सरकार में नीतीश कुमार ने उपेन्द्र कुशवाहा की पार्टी के किसी भी विधायक को मंत्री नहीं बनाया है.
रामविलास पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) से पासवान के भाई पशुपति पारस को अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया. बता दें कि पशुपति पारस न तो विधायक हैं और न ही विधान परिषद के सदस्य हैं.
नीतीश कुमार के धुर विरोधी रहे उपेन्द्र कुशवाहा ने पिछले दिनों के नेताओं के साथ कई जगहों पर मंच सांझा किया था. इस लिए माना जा रहा है कि वो लोकसभा चुनाव से ठीक पहले एनडीए का साथ छोड़ सकते हैं.
रणविजय सिंह / हिमांशु मिश्रा