JNU विवादः जांच में उमर और अनिर्बान सांप्रदायिक तनाव फैलाने के दोषी

जेएनयू में पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट में उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को सांप्रदायिक तनाव फैलाने का दोषी पाया गया है. रिपोर्ट में इन दोनों को संप्रदाय, जाति और क्षेत्रीय भावनाएं भड़काकर छात्रों के बीच तनाव पैदा करने का दोषी बताया गया है.

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उमर और अनिर्बान को जेल में नोटिस भेजा गया उमर और अनिर्बान को जेल में नोटिस भेजा गया

केशव कुमार / रोशनी ठोकने

  • नई दिल्ली,
  • 16 मार्च 2016,
  • अपडेटेड 8:18 AM IST

जेएनयू में नौ फरवरी को हुए विवादित कार्यक्रम की जांच के लिए बनी पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट में उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को सांप्रदायिक तनाव फैलाने का दोषी पाया गया है. रिपोर्ट में इन दोनों को संप्रदाय, जाति और क्षेत्रीय भावनाएं भड़काकर छात्रों के बीच तनाव पैदा करने का दोषी बताया गया है.

16 मार्च की शाम तक जवाब तलब
दोनों देशद्रोह के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद हैं. जेएनयू की आंतरिक जांच समिति की रिपोर्ट पेश होने के बाद इन दोनों सहित 21 छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था. सभी 21 छात्रों को जेएनयू के नियम कानून तोड़ने का दोषी पाया गया था. इन सबको 16 मार्च की शाम तक जवाब देने के लिए कहा गया है.

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उमर-अनिर्बान के लिए जेल भेजा नोटिस
उमर और अनिर्बान को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है. यूनिवर्सिटी ने उन्हें चार मामलों में दोषी पाया गया है. उन्हें फर्जी सर्टिफिकेट और गलत जानकारी देने का भी दोषी माना गया है. अनिर्बान को भेजे गए नोटिस में उन्हें अनिधिकृत लोगों को कैंपस में लाने और यूनिवर्सिटी कैंपस में अनिधिकृत कार्यक्रम करने का भी दोषी माना गया है. इन मामलों में उमर को भी दोषी पाया गया है.

जेएनयू से निकाले जाने की सिफारिश
जांच समिति ने जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर और अनिर्बान समेत पांच छात्रों को विवादित कार्यक्रम करने और उसमें देश विरोधी नारे लगाने का दोषी पाते हुए की सिफारिश की है. देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कन्हैया को 6 महीने की सशर्त अंतरिम जमानत मिली है. वहीं उमर और अनिर्बान की जमानत याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में बुधवार को सुनावाई होने वाली है.

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