कल आकर 1 रुपये फीस ले जाना, हरीश साल्वे से ये कहकर दुनिया से रुखसत हो गईं सुषमा

निधन से एक घंटे पहले सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव मामले में भारतीय वकील हरीश साल्वे को उनकी 1 रुपये की फीस देने के लिए बुलाया था.

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वकील हरीश साल्वे (फाइल फोटो) वकील हरीश साल्वे (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 07 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 1:46 PM IST

पूर्व विदेश मंत्री और भारतीय जनता पार्टी की दिग्गज नेता रहीं सुषमा स्वराज का मंगलवार रात निधन हो गया. दिल का दौरा पड़ने के बाद सुषमा को दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था, लेकिन कुछ ही देर बार उनका निधन हो गया.

निधन से कुछ देर पहले ही उन्होंने पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव मामले में भारतीय वकील हरीश साल्वे को उनकी 1 रुपये की फीस देने के लिए बुलाया था. साल्वे ने हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) में जाधव मामले की सुनवाई के दौरान भारत का प्रतिनिधित्व 1 रुपये की फीस पर किया था.

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हरीश साल्वे ने एक टीवी चैनल से बातचीत में बताया कि निधन से कुछ देर पहले ही उन्होंने सुषमा स्वराज से बात की थी. उन्होंने कहा, 'मैंने रात 8:45 बजे उनसे बात की. यह एक बहुत ही भावनात्मक बातचीत थी. उन्होंने कहा, आओ और मुझसे मिलो. जो केस आपने जीता उसके लिए मुझे आपको आपका एक रुपया देना है. मैंने कहा कि बेशक मुझे वह कीमती फीस लेने के लिए आना है. उन्होंने कहा कि कल 6 बजे आना.'

दरअसल, पाकिस्तान ने जाधव को मार्च 2016 में जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया था और तब से वह लगातार भारतीय अधिकारियों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दे रहा था. इसके बाद पाकिस्तान एक सैन्य अदालत द्वारा जाधव को मौत की सजा सुनाने के बाद भारत ने आईसीजे में मामले को उठाया था.

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इसके बाद आईसीजे ने पाकिस्तान को जाधव की फांसी की सजा पर रोक बरकरार रखने और उन्हें राजनयिक पहुंच देने का निर्देश दिया था. भारत ने पाकिस्तान से आईसीजे के आदेश पर तत्काल कार्रवाई करने और जाधव को कॉन्सुलर एक्सेस देने के लिए कहा था.

इसके बाद अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) के आदेश के अनुसार पाकिस्तान कुलभूषण जाधव को 'पाकिस्तानी कानून के अंतर्गत' राजनयिक पहुंच देने के लिए राजी हो गया. इस जीत पर सुषमा स्वराज ने खुशी जाहिर की थी.

उन्होंने ट्वीट किया था, 'जाधव मामले में मैं जी जान से अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के फैसले का स्वागत करती हूं. यह भारत के लिए एक महान जीत है.' उन्होंने मामले को अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में ले जाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी शुक्रिया अदा किया और असरदार तरीके से केस लड़ने के लिए वकील हरीश साल्वे को भी धन्यवाद कहा था.

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