डांस बार मालिकों की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को दिया नोटिस

मंगलवार को सुनवाई के दौरान डांस बार मालिकों के एसोसिएशन ने कहा कि राज्य सरकार ने डांस बार लाइसेंस लेने के लिए जो नए नियम बनाए हैं, उनमे कई खामियां हैं.

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डांस बार मालिकों को नए नियमों पर आपत्ति‍ डांस बार मालिकों को नए नियमों पर आपत्ति‍

अहमद अजीम

  • नई दिल्ली,
  • 30 अगस्त 2016,
  • अपडेटेड 8:26 AM IST

महाराष्ट्र में डांस बार लाइसेंस के लिए बनाए गए नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने सरकार से इस पर छह हफ्तों में जवाब मांगा है.

मंगलवार को सुनवाई के दौरान डांस बार मालिकों के एसोसिएशन ने कहा कि राज्य सरकार ने लाइसेंस लेने के लिए जो नए नियम बनाए हैं, उनमे कई खामियां हैं. इसमें अश्लील डांस करने पर तीन साल की सजा का प्रावधान रखा गया है, जबकि IPC में अश्लीलता के तहत तीन माह की सजा का प्रावधान है.

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इन दो नियमों पर जताई आपत्ति‍
कानून के मुताबिक, अगर डांस बार का लाइसेंस है तो आर्केस्ट्रा का लाइसेंस नहीं मिलेगा. इसके साथ ही डांसिंग एरिया में सीसीटीवी लगाने और शराब न परोसने के नियम पर डांस बार मालिकों ने सख्त आपत्ति जताई है. डांस बार मालिकों के वकील जयंत भूषण ने कहा की ये दोनों नियम हाल ही आए सुप्रीम कोर्ट के ही फैसले के खिलाफ हैं, इसलिए इन नियमों पर तत्काल रोक लगे.

नहीं दी जा सकती पैसे उड़ाने की इजाजत
दूसरी ओर, के वकील शेखर नाफ्रे के विरोध के बाद कोर्ट ने फिलहाल इन नियमों पर रोक नहीं लगाई है. हालांकि, डांसिंग एरिया में सीसीटीवी लगाने और शराब न परोसने के नियम को कोर्ट ने पहली नजर में अपने फैसले का उल्लंघन माना. महाराष्ट्र सरकार से इन पर 21 सितंबर तक जवाब देने को कहा गया है. सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि बार में डांस के वक्त पैसे उड़ाने की इजाजत नहीं दी जा सकती. यह महिलाओं के गौरव, सभ्यता और शिष्टाचार के खिलाफ है.

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