पिता थे डिप्लोमेट, मां थी सेक्रेटरी और बेटा हेडली बना आतंकी

हाईप्रोफाइल खानदान में पैदा हुआ डेविड कोलमैन हेडली आतंकवाद और तस्करी के रास्ते पर चल पड़ा. आखिर कैसे उसने बदला रास्ता...?

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ब्रजेश मिश्र

  • नई दिल्ली,
  • 08 फरवरी 2016,
  • अपडेटेड 5:57 PM IST

मुंबई आतंकी हमलों का गुनहगार डेविड कोलमैन हेडली उर्फ दाऊद सैयद गिलानी कैसे आतंकी बन गया यह अपने आप में हैरान करने वाली बात है. रसूखदार परिवार से आने वाले हेडली की दास्तान भी कम फिल्मी नहीं है.

1. अमेरिकी मूल की मां और पाकिस्तानी पिता की संतान हेडली 30 जून 1960 को पैदा हुआ था. उसके पिता सैयद सलीम गिलानी पाकिस्तान के जाने-माने डिप्लोमेट और ब्रॉडकास्टर थे. जबकि मूल रूप से पेंसिलवानिया की रहने वाली उसकी मां एलिस सेर्रिल हेडली वाशिंगटन स्थित पाकिस्तानी दूतावास में सेक्रेटरी के तौर पर काम करती थी.

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2. हाई प्रोफाइल परिवार से आने वाले हेडली के जन्म के बाद उसका परिवार अमेरिका छोड़कर पाकिस्तान के लाहौर में बस गया. हालांकि बाद में उसकी मां को पाकिस्तानी संस्कृति अपनाने में परेशानी हुई और उसे वापस अमेरिका लौटना पड़ा.

3. पाकिस्तान के कस्टडी नियमों के मुताबिक, उसे अपने बेटे और पति दोनों को छोड़कर अकेले अमेरिका जाना पड़ा. सैयद सलीम गिलानी से तलाक होने के बाद उसने चार शादियां की और ज्यादातर समय दक्षिण-पूर्व एशिया और अफगानिस्तान में बिताया.

4. 1977 में सौतेली मां से झगड़ों के बाद वह अपनी मां के पास अमेरिका चला गया. जहां उसे आर्मी स्कूल में दाखिला मिला लेकिन उसने स्कूल छोड़ दिया.

5. हेडली अपनी मां के साथ रहता था और फिलाडेल्फिया में एक वीडियो स्टोर चलाता था. लगातार पाकिस्तान आते-जाते उसके संबंध ड्रग तस्करों से बने और साल 1988 में उसे पाकिस्तान से हेरोइन तस्करी का दोषी पाया गया. हेडली पाकिस्तानी आर्मी के डॉक्टर तहव्वुर हुसैन राणा के जरिए ड्रग्स की तस्करी करता था.

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6. जेल से छूटने के बाद हेडली अमेरिका के लिए जासूसी करने पाकिस्तान गया. साल 2006 में उसने अपना नाम दाऊद सैयद गिलानी से बदलकर डेविड हेडली कर लिया.

7. नाम बदलने के बाद हेडली पाकिस्तान के रास्ते 7 बार भारत आया और उसने मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों में रेकी की.

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